माँ बनना एक सुखद अहसास है लेकिन इसके बाद महिलाओं के शरीर की बनावट में कुछ बदलाव होते हैं। अधिकतर महिलाओं के शरीर पर कुछ निशान पड़ जाते हैं।
वज़न बढ़ने के कारण स्ट्रेच मार्क्स नज़र आने लगते हैं और कुछ जगहों से उनकी त्वचा ढीली हो जाती है।
ये वो सच्चाई है जिसे मीडिया कभी दिखाना नहीं चाहती।
औरतें भी कभी-कभी इसे अपने आप से भी छिपाती हैं। लेकिन एक फ़ोटोग्राफ़र महिलाओं की ख़ूबसूरती के इस पक्ष को नई परिभाषा देने के अभियान पर हैं।
पिछले साल की शुरुआत की बात है। एरिज़ोना के टक्सन में रहने वाली जेड बीएल नई- नई माँ बनीं थी। एक दिन वह अपने पाँच सप्ताह के बच्चे के साथ अपने स्टूडियो में गईं, कपड़े उतारे और अपने बहुत सारे फ़ोटो खींचे।
ये उनकी वो काया नहीं थी जिससे वह परिचित थीं। कुछ जगह से चर्बी बढ़ गई थी और कई जगह उनकी त्वचा भी ढ़ीली हो गई थी।
उन्होंने इन फ़ोटोग्राफ्स को अपने फ़ोटोग्राफ़ी ब्लॉग पर डालने का फ़ैसला किया।
वह मातृत्व के उस पहलू को सबके साथ बाँटना चाहती थीं जिसे अक्सर नज़रअंदाज़ कर दिया जाता है।
मीडिया में महिलाओं की तस्वीरों की भरमार है लेकिन इस तरह की तस्वीरें आपको नहीं मिलेंगी।
जेड बीएल बताती हैं, "कई लोगों ने मुझसे कहा, ओह् ! मैंने ऐसा शरीर कभी नहीं देखा।"
"तुम भद्दी हो!"
वो कहती हैं कि मैं नहीं चाहती कि माँ बनने के बाद महिलाओं को यह सुनना पड़े कि "तुम भद्दी हो !" बल्कि लोग कहें कि "यह वो महिला है जो सबसे ज़्यादा मानवीय है या फिर वो कहें कि इस महिला के पास कुछ निशान और लकीरें हैं जो एक कहानी कहते हैं।"
मेरा लक्ष्य है कि मैं सभी माँओं को ख़ूबसूरत और क़ीमती होने का अहसास दूँ ।
बीएल ने अपनी एक दोस्त की एक तस्वीर फ़ेसबुक पर डाली। तस्वीर में दोस्त के मुलायम गड्ढ़ेदार पेट के साथ उसके दो छोटे बच्चे प्यार से लिपटे हुए थे।
यह तस्वीर फ़ेसबुक पर बहुत पसंद की गई। बीएल के पास ढ़ेरों ई-मेल आने लगे जिसमे सैकड़ों क्लिक करें महिलाओं ने गर्भवती होने के बाद अपनी तस्वीर खिंचवाने की इच्छा ज़ाहिर की थी।
समाज विज्ञानी मेरेडिथ नैश कहती हैं वर्ष 1991 में जब डेमी मूर ने गर्भवती होने के बाद अपने बड़े पेट की तस्वीर इंटरनेट पर डाली थी तब वो बेहद ऐतिहासिक पल था।
"बेबी बंप"
उन्होंने बताया कि इसके बाद महिलाओं में अपने "बेबी बंप" का फ़ोटोशूट कराने का प्रचलन हो गया लेकिन बच्चा पैदा होने के बाद कहानी बदल जाती है।
मेरेडिथ नैश कहती हैं, "आमतौर पर हमें सेलिब्रिटी के गर्भवती होने के बाद उनके बारे में पढ़ने को मिलता है कि कैसे उन्होंने दोबारा अपनी आकर्षक काया पाई।"
बीएल मानती हैं, "अगर कोई सेलिब्रिटी डेमी मूर की तरह गर्भवती होने के बाद फ़ोटोशूट करवाए तो हो सकता है कि लोगों का व्यवहार बदलने लगे।"
लेकिन न्यूयॉर्क में रह रहे मैक्स वाडुकुल का कुछ अलग मानना है। मैक्स फैशन पत्रिका "वोग" में काम करते हैं। वह कहते हैं "अभी इस तरह की तस्वीरें बड़ी पत्रिकाओं में आने में समय लगेगा।"
वह कहते हैं ,"स्ट्रेच मार्क वाली मॉडल्स और सेलिब्रिटीज़ की तस्वीर पत्रिका में छापना कठिन होगा।"
आत्मविश्वास
जेड बीएल के लिए स्वेच्छा से काम कर चुकी क्रिस्टीना बेरी कहती हैं कि उन्हें अपने शरीर को सराहने में दिक़्क़त होती थी। लेकिन इस फ़ोटोशूट ने उनमें एक नया आत्मविश्वास भर दिया।
उनके पति क्रिस कहते हैं, "मुझे लगता है माँ बनने वाली महिलाएं बहुत सहनशील होती हैं, अतुल्य होती हैं। मुझे लगता है मुझे यह समझने की ज़रुरत थी और इन तस्वीरों ने मुझे समझाया है और मैं चाहूँगा की इन तस्वीरों से दूसरे पुरुष भी यह समझें।"
जेड बीएल के इस प्रयास को लोगों का बहुत समर्थन मिला है। लोगों से पैसे जुटाने वाली वेबसाइट किकस्टार्टर पर 1,000 लोगों ने इस परियोजना के लिए पैसे दिए हैं।
एक और सफलता बीएल को मिली। वह बताती हैं, "जब मैंने गूगल पर "ब्यूटीफुल बॉडीज" ढूँढा तो मुझे उसके नतीजों में अपनी तस्वीरें देखकर बहुत ख़ुशी हुई।