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ट्रंप के विरोध में फिर उतरीं महिलाएं, कहा- हमारे खिलाफ हैं राष्ट्रपति

Sun, 21 Jan 2018 12:11 PM IST
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
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अमेरिका में आर्थिक संकट के बाद हुए शटडाउन के बाद कई शहरों में महिलाएं और उनके पुरुष समर्थक सड़कों पर उतर आए हैं और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ एक राष्ट्रव्यापी विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। 

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ये प्रदर्शन वाशिंगटन, न्यू यॉर्क, लॉस एंजिल्स, शिकागो के साथ-साथ लगभग 250 अन्य शहरों में किया जा रहा है जिसमें लोग रैलियां  निकाल निकाल कर ट्रम्प की नीतियों के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं। महिलाएं उन नीतियों के खिलाफ भी आवाज उठा रही हैं जिनकी वजह से महिलाओं को आहत हुई थीं। अमेरिका के अलावा अन्य देशों  में भी सिस्टर रैली (ट्रंप के विरोध में) का आयोजन किया गया था। 

लॉस एंजिल्स की रैली में अदाकारा इवा लॉन्गोरिया ने कहा कि आपका वोट आपके व्यक्तिगत परेशानी के निपटान में सबसे शक्तिशाली जरिया है। इसलिए आप अपने मत का इस्तेमाल करें और अपनी शक्ति को जगजाहिर करें।
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अपने बचाव में ट्रंप ने ट्वीट कर कहा कि, 'उन्होंने पिछले साल के आर्थिक लाभ के कारण महिलाओं को लाभान्वित किया था। पूरे देश में खूबसूरत मौसम हो रहा है, महिलाओं के लिए अच्छा दिन है मार्च निकालने का। बाहर निकलिए और अभूतपूर्व आर्थिक सफलता और धन की संरचना का जश्न मनाइए। 18 वर्षों में सबसे कम महिला बेरोजगारी हुई है इस साल।' 

श्रम विभाग के मुताबिक दिसंबर में महिलाओं में बेरोजगारी 3.7 फीसदी थी, जो कि समग्र अमेरिकी बेरोजगारी दर से 4.1 प्रतिशत से नीचे है। 39 वर्षीय वकील केटी ओ कॉनर ने कहा कि मुझे लगता है कि ट्रंप कुछ कर नहीं पा रहे हैं इसलिए उनका सरकार में बने रहना सही नहीं है। 

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पिछले साल मार्च में भी महिलाएं ट्रंप के विरोध में सड़कों पर उतरी थीं

पिछले साल भी महिलाएं ट्रंप के विरोध में उतरी थीं। इस विरोध प्रदर्शन में उन्होंने महिलाओं के अंगनुमा टोपी पहनी थी जो उसके बाद महिला सशक्तिकरण का प्रतीक बन गई। यह प्रदर्शन ट्रंप के उस बयान के खिलाफ निकाला गया था जिसमें उन्होंने महिलाओं के निजी अंग के साथ छेड़खानी करने की बात कही थी।

इस प्रदर्शन में शनिवार के कई वक्ताओं ने यौन उत्पीड़न के विषय पर प्रकाश डाला, जिसमें उन्होंने सभी अमेरिकियों से महिलाओं के साथ होने वाले दुर्व्यवहार को बर्दाश्त न करने और उसके खिलाफ लड़ने का आग्रह किया। 

लॉस एंजिल्स के मेयर एरिक गार्सेटी ने 600,000 लोगों की भीड़ का अनुमान लगाया और बताया कि यह देश में सबसे बड़ा मार्च था। अनुमानित 5 मिलियन लोगों ने 2017 में देशव्यापी रैलियों में हिस्सा लिया, जिससे यह अमेरिकी इतिहास में सबसे बड़ा विरोध प्रदर्शन था। वहीं शिकागो की रैली में, अधिकारियों ने भीड़ के आकार को 200,000 और 300,000 के बीच रखा और आयोजकों ने कहा कि यह 2017 की रैली से थोड़ा बड़ा था।
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