पिछले साल भी महिलाएं ट्रंप के विरोध में उतरी थीं। इस विरोध प्रदर्शन में उन्होंने महिलाओं के अंगनुमा टोपी पहनी थी जो उसके बाद महिला सशक्तिकरण का प्रतीक बन गई। यह प्रदर्शन ट्रंप के उस बयान के खिलाफ निकाला गया था जिसमें उन्होंने महिलाओं के निजी अंग के साथ छेड़खानी करने की बात कही थी।
इस प्रदर्शन में शनिवार के कई वक्ताओं ने यौन उत्पीड़न के विषय पर प्रकाश डाला, जिसमें उन्होंने सभी अमेरिकियों से महिलाओं के साथ होने वाले दुर्व्यवहार को बर्दाश्त न करने और उसके खिलाफ लड़ने का आग्रह किया।
लॉस एंजिल्स के मेयर एरिक गार्सेटी ने 600,000 लोगों की भीड़ का अनुमान लगाया और बताया कि यह देश में सबसे बड़ा मार्च था। अनुमानित 5 मिलियन लोगों ने 2017 में देशव्यापी रैलियों में हिस्सा लिया, जिससे यह अमेरिकी इतिहास में सबसे बड़ा विरोध प्रदर्शन था। वहीं शिकागो की रैली में, अधिकारियों ने भीड़ के आकार को 200,000 और 300,000 के बीच रखा और आयोजकों ने कहा कि यह 2017 की रैली से थोड़ा बड़ा था।