फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अध्ययन में हुआ खुलासा, इस तरीके से डी-ग्रेड वाले छात्र भी फाइनल में ला सकते हैं अच्छे अंक

Tue, 04 Dec 2018 09:39 AM IST
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : pexels.com
विज्ञापन
अगर आप अपने बच्चों की परीक्षाओं को लेकर चिंतित हैं तो ये खबर आपके लिए है। हाल ही में हुए एक अध्ययन से खुलासा हुआ है कि जो छात्र 8 घंटे की नींद पूरी करते हैं, वह परीक्षाओं में बेहतर प्रदर्शन करते हैं। 
विज्ञापन

2 of 7
studies - फोटो : pexels.com
इस अध्ययन पर बेलोर यूनिवर्सिटी कॉलेज ऑफ आर्ट्स एंड साइंस के असिसटेंट प्रोफेसर डॉक्टर मिशेल स्कुलिन का कहना है, "बेहतर नींद फाइनल में होने वाली परिक्षाओं के प्रदर्शन में सहायता करती है, जो अधिकांश कॉलेज के छात्रों की धारणाओं के विपरीत है कि उन्हें या तो पढ़ाई या सोने का त्याग करना पड़ता है।"
विज्ञापन
विज्ञापन

3 of 7
studies - फोटो : pexels.com
फाइनल परीक्षाओं में अच्छे अंक लाने के लिए जरूरी नहीं है कि छात्र अकेडमिक परीक्षाओं में ए ग्रेड लाए। अध्ययनकर्ताओं का कहना है कि फाइनल परीक्षाओं से पहले चाहे छात्र ए, बी, सी या फिर डी ग्रेड वाला हो, लेकिन अगर वह फाइनल परीक्षाओं से पहले 8 घंटे की नींद पूरी करे तो वह एकसाथ 4 पॉइंट अधिक ला सकता है।

4 of 7
studies - फोटो : pexels.com
डॉक्टर के मुताबिक एक डी-प्लस ग्रेड वाले छात्र ने जब 8 घंटे की नींद पूरी की तो उसका कहना था कि उसे पहली बार ऐसा लगा कि परीक्षा के दौरान उसका दिमाग काम कर रहा है। अच्छी नींद न लेना फाइनल परीक्षाओं के दौरान एक आम बात होती है।
विज्ञापन

5 of 7
studies - फोटो : pexels.com
इस दौरान न तो नींद पूरी होती है और न ही दिमाग तनाव मुक्त रहता है। छात्र अधिक चिंतित रहते हैं, वह अधिक मात्रा में कॉफी पीते हैं और टेबल लैंप की रोशनी में पढ़ते हैं। ये सब नींद को प्रभावित करता है।
विज्ञापन

6 of 7
studies - फोटो : pexels.com
ग्रेजुएशन के 10 फीसदी से भी कम छात्र ऐसे हैं जो 8 घंटे की पूरी नींद लेते हैं। इस अध्ययन से जुड़े आंकड़ों को इंटीरियर डिजाइन एंड टीचिंग ऑफ साइकोलॉजी जर्नल में पब्लिश किया गया है। अध्ययन से पता चला कि जिन छात्रों ने फाइनल परीक्षाओं के दौरान 8 घंटे की नींद पूरी की उनके अंक अच्छे आए। 
विज्ञापन

7 of 7
studies - फोटो : pexels.com
अध्ययन में ग्रेजुएशन कर रहे इंटीरियर डिजाइन और अपर लेवल के साइकोलॉजी और न्यूरोसाइंस के छात्रों को शामिल किया गया। जिन छात्रों ने  8 घंटे की नींद का चैलेंज एक्सेप्ट किया उनके हाथों में मॉनिटरिंग के लिए बैंड पहनाया गया। ताकि अध्ययन में पारदर्शिता बनी रहे। 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next