पिछले हफ्ते देर शाम जब डोनल्ड ट्रंप न्यू जर्सी की एक रैली में पहुंचे तो वहां भीड़ का चेहरा उनकी दूसरी चुनावी रैलियों से बिल्कुल अलग था। कहां तो रिपब्लिकन उम्मीदवार की रैलियों में ज्यादातर गोरे अमेरिकी दिखते हैं लेकिन वहां ज्यादातर चेहरे भारतीय मूल के थे।
कई ऐसे थे जो अमेरिकीनागरिक भी नहीं थे और कुछ तो बस सैर-सपाटे के लिए भारत से अमेरिका आए हुए थे। गोरे चेहरे उंगलियों पर गिने जा सकते थे। जाहिर था ट्रंप की आम रैलियों में जिन जुमलों पर तालियां बजती हैं उनसे कहीं ज्यादा तालियां वहां तब बजीं जब ट्रंप ने कहा: "मैं हिंदू का बहुत बड़ा फैन हूं और भारत का भी बहुत-बहुत बड़ा फैन हूं।" उन्होंने भारत को अपना सबसे अच्छा दोस्त करार दिया और कहा, "इससे ज्यादा अहम हमारे लिए कोई और रिश्ता नहीं होगा।"
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वहां जमा लोगों में से कईयों को ये भी नहीं पता था कि वहां ट्रंप आने वाले हैं। ज्यादातर तो प्रभुदेवा और मलाइका खान के जलवे देखने जुटे थे, कुछ को बताया गया था कि भारत के मशहूर गरबा कलाकार अतुल पुरोहित वहां आ रहे हैं। कुछ बुज़ुर्गों को तो ये भी बताया गया था कि वहां रामायण के सुंदर-कांड का पाठ होगा और इसलिए नवरात्रों के मौसम में वो वहां पहुंचे थे।
अब 70 प्रतिशत रिपब्लिकन पार्टी की तरफ झुक गए हैं
Trump at rally
इस हफ्ते में एक के बाद एक महिलाएं ट्रंप के खिलाफ कभी जबरदस्ती चूमने का, दबोचने का, अश्लील हरकतें करने का आरोप सामने ला रही थीं। हालाँकि ट्रंप ने इन आरोपों को निराधार बताते हुए खारिज किया था। जब ट्रंप उस आग पर काबू करने में जुटे हुए थे, उस हफ्ते वो इस तरह की रैली में आकर क्या हासिल कर पाए?
कार्यक्रम के आयोजक और रिपब्लिकन हिंदू कोलिशन (गठबंधन) की नींव रखनेवाले भारतीय मूल के अमेरिकी कारोबारी शलभ कुमार का कहना था कि उस शाम एक बहुत बड़ी तब्दीली आ गई। बीबीसी से बात करते हुए उन्होंने दावा किया, "इस इलाके के 70 प्रतिशत हिंदू डेमोक्रैट्स को वोट देते रहे हैं और तीस प्रतिशत रिपब्लिकन्स को।
मैं दावे के साथ कह सकता हूं कि ट्रंप को सुनने के बाद अब 70 प्रतिशत रिपब्लिकन पार्टी की तरफ झुक गए हैं।" ट्रंप के चुनाव अभियान में सबसे ज्यादा चंदा देने वालों में गिने जाने वाले शलभ कुमार का कहना है, "अमेरिकीहिंदूओं ने इस देश की नीतियां तय करने वाले टेबल पर अपनी जगह बनाने की तरफ पहला कदम उठा लिया है।" वो कहते हैं कि अगर ट्रंप राष्ट्रपति चुन लिए जाते हैं तो व्हाइट हाउस में हिंदुओं और भारत का एक बहुत बड़ा दोस्त प्रवेश करेगा।
हिंदू वोटरों की बदौलत ट्रंप की जीत हो सकती है सुनिश्चित
Trump supporters
वो कहते हैं कि हिंदू वोटरों की बदौलत कुछ कांटे की टक्कर वाले राज्यों में ट्रंप की जीत सुनिश्चित की जा सकती है। आम तौर पर 70 प्रतिशत हिंदू -अमेरिकी डेमोक्रैट्स को वोट देते रहे हैं। पहली पीढ़ी के कुछ लोगों में रिपब्लिकंस की तरफ झुकाव जरूर है।
लेकिन जो यहां पैदा हुए या पले-बढ़े उनमें से ज्यादातर डेमोक्रैट्स के साथ नजर आते हैं। मुसलमानों और इस्लामी चरमपंथ के खिलाफ अपने बयानों की वजह से ट्रंप अमेरिका और भारत में भी कई हिंदू गुटों में लोकप्रिय हुए हैं। कई लोगों की ये भी धारणा है कि वो पाकिस्तान के खिलाफ सख्त कदम उठाएंगे।
ट्रंप के लिए हिंदुओं का समर्थन जुटाने में लगे भारतीय मूल के टेलीकॉम इंजीनियर सत्या दोसापति का कहना है, "इस्लाम के खिलाफ किसी को तो खड़ा होने की जरूरत थी और ट्रंप ने वो किया है।" वो कहते हैं, " मैं मुसलमान विरोधी नहीं हूं। लेकिन एक बड़ी समस्या है कि इस्लामी चरमपंथ की वजह से जो साधन अच्छे कामों में लगाए जा सकते थे वो आतंकवाद से लड़ने में इस्तेमाल किए जा रहे हैं।"
हिलेरी क्लिंटन इस्लाम और पाकिस्तान की हिमायती
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- फोटो : reuters
उनकी नजरों में हिलेरी क्लिंटन इस्लाम और पाकिस्तान की हिमायती हैं और जब हिंदू-अमरीकियों को इस बात का एहसास हो जाएगा तो वो ट्रंप के लिए वोट करेंगे। लेकिन जमीनी स्थिति देखकर फिलहाल ऐसा लगता नहीं है कि ट्रंप के हक में हिंदू वोटरों का ध्रुवीकरण हो रहा हो।
प्रदीप कोठारी न्यू जर्सी में ही हिंदू समुदाय के साथ काम करते हैं और उनकी समस्याओं पर आवाज उठाते रहते हैं। उनका कहना है कि ट्रंप की नीतियों का सबसे बड़ा नुकसान अगर किसी को होगा तो वो भारत से आनेवाले लोगों का। ट्रंप ने एच-1बी वीजा, जिसके तहत हजारों भारतीय अमेरिका में नौकरी करने आते हैं, उसका विरोध किया है और साथ ही उन लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की बात की है जो वीजा अवधि खत्म होने के बाद भी यहां रह गए हैं।
पिछले साल प्रकाशित एक रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिका में करीब चार लाख भारतीय गैर-कानूनी तरीके से रह रहे हैं। उनमें से ज्यादातर ऐसे हैं जो वीजा की अवधि खत्म होने के बावजूद यहीं रह गए हैं। ट्रंप के मुसलमान विरोधी बयानों की वजह से हिंदुओं का समर्थन मिलने के मुद्दे पर कोठारी का कहना है, "जो इंसान यहां के एक अल्पसंख्यक समुदाय को निशाना बना रहा है, वो कल दूसरे की तरफ आएगा। हम इस बात को अच्छी तरह समझते हैं।"
'ट्रंप को वोट देने वाला हिंदू मिले तो मुझे भी बताइएगा'
ट्रंप और हिलेरी क्लिंटन
कई मंदिरों में जुटे हिंदुओं और दूसरे ऐसे इलाकों में जहां हिंदुओं की खासी तादाद है, वहां भी बीबीसी को इसी तरह के बयान सुनने को मिले।शिकागो के डेवोन ऐवन्यू के लिटल इंडिया कहलाने वाले इलाके में हिंदू धार्मिक किताबों और देवी-देवताओं की मूर्तियों की दुकान चलाने वाले महेश शर्मा कहते हैं कि उन्हें तो इस बार का चुनाव बिल्कुल एकतरफा लग रहा है।
वो कहते हैं, " मुझे तो यहां सभी हिलेरी के ही समर्थक दिखे हैं। आपको कोई ट्रंप को वोट देने वाला हिंदू मिले तो मुझे भी बताइएगा।"
लेकिन शलभ कुमार की मानें तो ये हवा अगले दो हफ्तों में बदलने वाली है। वो कहते हैं, "आप शायद सही लोगों से बात नहीं कर रहे हैं। और ये भी साफ कर दूं कि हजारों ऐसे हैं जो खुलकर कह नहीं रहे लेकिन वोट ट्रंप को देने जा रहे हैं।"