अमेरिका के सैन फ्रांसिस्को हवाई अड्डे पर शनिवार को दुर्घटनाग्रस्त हुए विमान से यात्रियों को बाहर निकालने में इसलिए देरी हुई थी क्योंकि पायलटों ने उन्हें अपनी सीटों पर ही बैठे रहने को कहा था।
नेशनल ट्रांसपोर्टेशन सेफ़्टी बोर्ड (एनटीएसबी) की प्रमुख डेब्रा हर्समैन ने बुधवार को एक संवाददाता सम्मेलन में बताया कि बोइंग 777 विमान के दुर्घटनाग्रस्त होकर रुकने के 90 सेकेंड बाद ही यात्रियों को निकालने का काम शुरू हो सका था।
यात्रियों को निकालने का काम तब शुरू हुआ जब एक उड़ान सहायक ने विमान के बाहरी हिस्से के धुंआ निकलते देखा। इस दुर्घटना में दो यात्रियों की मौत हो गई और क़रीब 180 घायल हो गए।
हर्समैन ने कहा विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने के कुछ सेकेंड बाद भी पायलट वायु यातायात नियंत्रकों के संपर्क में थे और उन्होंने उड़ान सहायकों को कहा था कि वे यात्रियों को बाहर निकलने के लिए न कहें।
बेतुका
उन्होंने कहा, “ये बेतुका लगता है कि चालक दल ने दुर्घटना के बाद यात्रियों को बाहर निकालने का आदेश नहीं दिया। हमें पता नहीं है कि पायलट क्या सोच रहे थे।”
हर्समैन ने स्वीकार किया कि आपात स्थिति में यात्रियों को फिसलकर बाहर निकालने वाली प्रणाली के कुछ हिस्से विमान के अंदर धंस गए थे क्योंकि विमान जमीन पर गिरने के बाद उछला था। इससे एक उड़ान सहायक घायल हो गया था और संभवतः इससे यात्रियों को निकालने में भी बाधा आई थी।
हवाई अड्डे का आपात दस्ता यात्रियों के विमान से बाहर निकलने की प्रक्रिया शुरू होने के 30 सेकेंड बाद पहुंचा।
साथ ही ये बात भी सामने आई है कि विमान का कंट्रोल ऐसे पायलट के हाथ में था जो बोइंग 777 में अभी शुरुआती प्रशिक्षण ले रहा था और पहली बार विमान के सैन फ्रांसिस्को हवाई अड्डे पर उतार रहा था। इन्स्ट्रक्टर पायलट भी पहली बार ये भूमिका निभा रहा था।
पूछताछ
अमेरिकी जांचकर्ताओं ने दक्षिण कोरिया के इंचिओन से सैन फ्रांसिस्को जा रही आसियाना एयरलाइंस की उड़ान संख्या 214 के फ्लाइट डेटा और वीडियो फ़ुटेज की जांच शुरू कर दी है और उन्होंने चारों पायलटों तथा आधे उड़ान सहायकों से पूछताछ की है।
दुर्घटना में मरने वालों की शिनाख़्त चीन की दो किशोरियों यी मेंगीयुआन और वांग लिंजिया के रूप में हुई है।
सैन फ्रांसिस्को पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि क्या एक किशोरी की मौत दुर्घटनास्थल की तरफ जा रहे आपातकालीन वाहन की चपेट में आने से हुई है।
कम से कम 30 यात्री अब भी सैन फ्रांसिस्को अस्पताल में भर्ती हैं जिनमें से अधिकतर को रीढ़ की हड्डी में गंभीर चोट लगी है।