अमेरिका में बजट कटौती का असर आतंकवाद से संबंधित मुकदमों की सुनवाई में भी पड़ रहा है।
न्यूयॉर्क की एक अदालत को बताया गया है कि बजट में कटौती की वजह से ओसामा बिन लादेन के दामाद सुलेमान अबू गैत के मुक़दमे की सुनवाई में देरी हो रही है।
सुलेमान पर 11 सितंबर के हमले की साजिश में सहयोग करने का आरोप है। अबू अल क़ायदा का पहला बड़ा सदस्य है जिसके ख़िलाफ़ अमेरिकी जमीन पर मुकदमा चलाया जा रहा है।
जज के मुताबिक ये काफी “चौंकाने वाला” था क्योंकि वकीलों ने ही केस लेने से इनकार कर दिया है। कटौती की वजह से वकीलों को बिना तनख्वाह की छुट्टी लेने को कहा गया है।
कहा जा रहा है कि मुकदमे की सुनवाई अगले साल जनवरी तक खिसक सकती है। बजट कटौती की वजह से मुकदमे की सुनवाई में देरी हो रही है ये बात सुलेमान को भी पता है। सोमवार की अदालत में वो खुद मौजूद थे जहां एक अरबी दुभाषिए की मदद से उन्हें ये जानकारी मिली।
“समस्या गंभीर है”
अबू गैत के वकील मार्टिन कोहेन ने मैनहट्टन कोर्ट को बताया था सितंबर की सुनवाई के लिए तैयार होना बेहद कठिन है। बेहतर होगा कि सुनवाई जनवरी में शुरू की जाए।
कोहेन के मुताबिक कोर्ट द्वारा नियुक्त किए गए बचाव पक्ष के सभी वकीलों को बजट में 5।1 प्रतिशत की कटौती की वजह से 6 सप्ताह की बिना तनख्वाह की छुट्टी पर जाना पड़ रहा है।
जज लेविस काप्लान का कहना है, “यह बेहद गंभीर बात है। इस तरह के मुकदमे की सुनवाई में देरी हो रही है।”
कौन है अबू गैत?
अबू गैत कुवैत में तकरीरे दिया करते थे। 12 सितंबर 2001 को वो ओसामा बिन लादेन और अल क़ायदा के नेता नंबर दो अल जवाहिरी के साथ नजर आए थे।
एक वीडियो में वो लोगों को “यहूदियों और ईसाइयों के खिलाफ जिहाद छेड़ने” के लिए उकसाते हुए दिखाए गए हैं।
सरकारी पक्ष का आरोप है कि अबू 2001-02 के बीच ओसामा बिन लादेन का सहयोगी थे। अल कायदा की तरफ से वो 11 सितंबर जैसे हमलों की चेतावनी दिया करते थे।
अमेरिकी अधिकारियों ने बताया है कि उसे इसी फरवरी में जॉर्डन से लाया गया है। अबू को तुर्की से प्रत्यर्पित किया गया था।