वर्तमान में चल रही महादशा आपके प्रतिकूल है। कुण्डली में नवमांशापति अस्त है। सप्तम भाव का नैसर्गिक कारक भी पाप ग्रहों से दृष्टि है। ग्रह शान्ति के लिए प्रत्येक गुरुवार गाय को बेसन का एक लड्डू खिलाएं।
शुक्ल पक्ष में रविवार से प्रारम्भ कर नित्य आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ कर सूर्य को जल अर्पित करें। ऐसा करने पर इसी वर्ष के उत्तरार्द्घ में दैव कृपा संभव है।