अमेरिका में चुनाव प्रचार के दौरान ट्रंप
- फोटो : Reuters
भारत-चीन के पेशेवरों के खिलाफ बोलने वाले अमेरिका में राष्ट्रपति पद के चुनाव के लिए उम्मीदवारी की दौड़ में आगे चल रहे रिपब्लिकन नेता डोनाल्ड ट्रंप के सुर अब बदल गए हैं। इस मामले में यू-टर्न लेते हुए उन्होंने कहा कि उनके देश को बेहतरीन कुशल पेशेवरों की जरूरत है। ट्रंप ने पहले कहा था कि भारत और चीन जैसे देश अमेरिकी युवाओं की नौकरियां छीन रहे हैं और अगर वह सत्ता में आते हैं तो वह इस पर रोक लगाएंगे।
डेट्रायट में एक बहस के दौरान प्रवासी कुशल पेशेवरों के सवाल पर 69 साल के ट्रंप ने कहा, ‘मैं बदल गया हूं, पूरी तरह से बदल गया हूं। हमें और हमारे देश को कुशल पेशेवरों की जरूरत है। सिलिकॉन वैली को इसकी बेहद जरूरत है। हम भी इसके पक्ष में हैं।’ हालांकि, ट्रंप की वेबसाइट ने एचवन-बी वीजा को पूरी तरह से हटाने की बात अब भी बरकरार है। इस वीजा के तहत भारत जैसे देशों से कुशल पेशेवरों को अमेरिका आने के लिए मंजूरी दी जाती है। वहीं, फ्लोरिडा के सांसद मार्को रूबियो ने ट्रंप के इस बदले रुख पर फौरन खिंचाई की है।
अमेरिका को अफगानिस्तान में बने रहने की जरूरत
अपने बयानों से सुर्खियों में रहने वाले ट्रंप ने कहा है कि चूंकि पाकिस्तान के पास परमाणु हथियार हैं, इसलिए उसकी सुरक्षा के लिए अमेरिका को अभी अफगानिस्तान में बने रहने की जरूरत है। इससे पहले ट्रंप ने पाकिस्तान को दुनिया का खतरनाक देश करार दिया था।
ट्रंप के रवैया नफरत फैलाने वाला है: क्लिंटन
वाशिंगटन। राष्ट्रपति चुनाव में उम्मीदवार की दौड़ में शामिल डेमोक्रेट हिलेरी क्लिंटन ने कहा है कि ट्रंप का रवैया काफी नफरत फैलाने वाला है। उन्होंने कहा है कि यह बेहद खतरनाक है। उन्होंने कहा कि ट्रंप के रवैये से उन्हें भी सख्त नफरत है और वह इससे इत्तिफाक नहीं रखती हैं।