अमेरिका रूस से हैकिंग द्वारा 'अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव को प्रभावित करने' का बदला लेगा। अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने सरकारी रेडियो पर एक इंटरव्यू में कहा, 'हम इसका हिसाब चुकता करेंगे।'
हाल में अमेरिकी इंटेलिजेंस ने कहा है कि 2016 के अमेरिकी चुनाव को प्रभावित करने के लिए रूस ने हैकिंग का सहारा लिया। हालांकि बराक ओबामा ने खुद को सीआईए के उस अनुमान से दूर रखा है जिसमें कहा गया है कि रूस का मकसद डोनाल्ड ट्रंप को राष्ट्रपति चुनाव में जीत दिलाना था। ओबामा ने कहा, 'रूसी हैकरों ने जो किया उससे डोनाल्ड ट्रंप के बजाय हिलेरी क्लिंटन के चुनाव अभियान को अधिक नुकसान हुआ।'
ओबामा ने कहा, 'मैं मानता हूं कि इसमें कोई शक नहीं है कि अगर कोई विदेशी सरकार हमारे चुनाव की निष्पक्षता को प्रभावित करने की कोशिश करेगी तो हमें उसके खिलाफ ऐक्शन लेना होगा। हम लेंगे लेकिन सही जगह और समय खुद तय करेंगे।'
ट्रंप को पता था कि रूस ने चुनाव के दौरान कराई थी हैकिंग : व्हाइट हाउस
'Don't provoke us on One China policy or we will support your enemies militarily': China warns Trump
अमेरिकी खुफिया अधिकारियों का मानना है कि अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव अभियान के दौरान डेमोक्रेट उम्मीदवार हिलेरी क्लिंटन से जुड़ी हुई दस्तावेजों और ईमेल की हैकिंग में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन खुद शामिल थे। रिपोर्ट्स के अनुसार पुतिन ने खुद निर्देश दिए थे कि हैकिंग को कैसे अंजाम देना है और इसे डेमोक्रेट उम्मीदवार के खिलाफ कैसे इस्तेमाल करना है।
वहीं, व्हाइट हाउस का कहना है कि अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप जानते थे कि उनकी प्रतिद्वंद्वी हिलेरी के अभियान और डेमोक्रेटिक पार्टी के सर्वर की हैकिंग में रूस का हाथ था। एनबीसी न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक दो सीनियर अधिकारियों ने माना है कि पुतिन ने अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में डेमोक्रेट उम्मीदवार के खिलाफ सूचना लीक करने में अहम भूमिका निभाई थी।
अधिकारियों का मानना है कि केवल रूस के सबसे वरिष्ठ अधिकारी इन गतिविधियों के लिए अधिकृत हो सकते हैं। यह खुफिया रूसी प्रणाली पुतिन के नियंत्रण में हैं। इस आधार से पता चलता है कि पुतिन के निर्देश पर ही ये सब हुआ है। यह पूछे जाने पर कि आरोपों का आधार क्या था तो पुतिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने कहा कि यह हास्यास्पद है, बकवास है, कोई आधार नहीं हो सकता। पिछले सप्ताहअंत में ‘वाशिंगटन पोस्ट’ ने अपनी रिपोर्ट में कहा था कि सीआईए ने पाया है कि रूस ने अमेरिका में कई ईमेल हैक किए हैं ताकि डोनाल्ड ट्रंप को जिताया जा सके।