अमेरिका के शीर्ष कमांडर ने कहा कि पाकिस्तान लगातार अफगान तालिबान का इस्तेमाल भारत के खिलाफ कर रहा है और आतंकवाद के खिलाफ पाकिस्तान की नीति में कोई बदलाव नहीं आया है। मरीन कोर के लेफ्टिनेंट जनरल केनेथ मैकेंजी का यह बयान ऐसे समय आया है जब हाल ही में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अफगानिस्तान में शांति वार्ता को लेकर पाक पीएम इमरान खान से मदद मांगी थी।
ट्रंप प्रशासन ने हाल के कुछ समय में अफगानिस्तान में अमेरिका के सबसे लंबे युद्ध को खत्म करने के प्रयास तेज किए हैं। 9/11 हमले के बाद तालिबान के खिलाफ युद्ध में अमेरिका के 2400 सैनिकों शहीद हो चुके हैं। मैकेंजी ने यूएस सेंट्रल कमांड के कमांडर के पद पर नियुक्ति के लिए सुनवाई के दौरान सीनेट की सशस्त्र सेवा समिति से कहा, तालिबान और अफगानिस्तान की सरकार के बीच वार्ता कराने में पाकिस्तान अहम भूमिका निभा सकता है, लेकिन इस वक्त ऐसा नहीं लगता कि तालिबान को वार्ता की मेज तक लाने में पाकिस्तान अपने प्रभाव का पूरा इस्तेमाल कर रहा है। हम देख रहे हैं कि तालिबान को अफगानिस्तान का स्थायी हिस्सा बनाने के बजाय भारत के खिलाफ उसका लगातार इस्तेमाल किया जा रहा है।
व्हाइट हाउस के राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के प्रवक्ता ने कहा, राष्ट्रपति ट्रंप ने पाक पीएम को पत्र भेजा है, जिसमें अफगानिस्तान में शांति वार्ता में पाकिस्तान से सहयोग मांगा है। पत्र में ट्रंप ने कहा है पाकिस्तान में क्षमता है कि वह अपनी जमीन को तालिबान के लिए सुरक्षित पनाहगाह नहीं बनने दे। इस पर मैंकेंजी ने कहा कि दक्षिण एशिया रणनीति पर पाकिस्तान के सकारात्मक रवैये के बावजूद हिंसक कट्टरपंथी संगठन अफगानिस्तान की सीमा से लगते उसके क्षेत्र में सक्रिय हैं।