अमेरिका उत्तर कोरिया के परमाणु बम को बेकार करने के लिए प्रायोगिक माइक्रोवेव मिसाइल का इस्तेमाल करने पर विचार कर रहा है। दावा है कि यह चैंपियन हथियार माइक्रोवेव मिसाइल तानाशाह किम जोंग उन के उस रॉकेट की इलेक्ट्रॉनिक्स को नष्ट करने में सक्षम है, जिसके दम पर वह अमेरिका और उसके समर्थक देशों पर हमले का ख्वाब देख रहा है। किम ने हाल में अंतरमहाद्वीपीय मिसाइल ह्वोसोंग-15 आईसीबीएम मिसाइल का परीक्षण किया है।
अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक इस साल अगस्त में जब उत्तर कोरिया ने परमाणु हमले की धमकी देने की शुरुआत की तो व्हाइट हाउस में हुई खुफिया बैठक में इस माइक्रोवेव मिसाइल के इस्तेमाल की चर्चा हुई। दुनिया में इस तरह के हथियार का इस्तेमाल अब तक कहीं नहीं हुआ है।
माइक्रोवेव बीम से करती हमला
माइक्रोवेव मिसाइल माइक्रोवेव बीम से हमला कर दुश्मन के हथियार या नियंत्रण कक्ष के सारे इलेक्ट्रॉनिक्स उपकरण को नष्ट कर देती है। अमेरिकी एयरफोर्स रिसर्च लैबोरेटरी में यह प्रयोग 2009 में शुरू किया गया था। 2012 में इस मिसाइल का पहला परीक्षण किया गया। इसमें ईरान और उत्तर कोरिया की बराबर क्षमता वाले केंद्र को चुना गया।
मिसाइल ने उस केंद्र की सारी इलेक्ट्रॉनिक्स को नष्ट किया। फिर पांच अन्य इमारतों को निशाना बनाने के बाद पूर्व योजना के मुताबिक निश्चित जगह पर क्रैश हो गई। यह एक मात्र टेस्ट है जिसका खुलासा किया गया है। हालांकि इसके बाद हथियार को उन्नत बनाने के लिए कई और परीक्षण हुए हैं।