ट्रंप प्रशासन ने अमेरिका में रहने वाले नेपाल के 9,000 अप्रवासी नागरिकों को मिले अस्थायी संरक्षण दर्जे को खत्म कर दिया है। अधिकारियों ने उन्हें देश छोड़ने या कहीं और जाने को कहा है। हालांकि इसके लिए उन्हें एक साल की राहत दी गई है।
मानवीय संकट और पर्यावरण संबंधी आपदा से जूझ रहे देशों के लोगों को अस्थायी संरक्षण दर्जा (टीपीएस) की सुविधा दी जाती है। इस फैसले से 8,950 लोग प्रभावित होंगे जिनमें से 85 फीसदी न्यूयॉर्क में रहते हैं।
नेपाल के ऐसे लोगों को या तो वापस लौटना होगा या उन्हें निर्वासित किया जाएगा। हालांकि गृह सुरक्षा विभाग की सचिव कर्स्टनजेन नेल्सन ने नेपाली नागरिकों को उनके अमेरिका छोड़ने के लिए एक साल की छूट दी है।
गृह सुरक्षा विभाग ने कहा कि उन्हें 24 जून 2019 के बाद निर्वासन का सामना करना पड़ेगा। अमेरिका ने नेपाल को मिले टीपीएस को खत्म करने का फैसला पर्यावरणीय आपदा संबंधी परिस्थितियों की समीक्षा करने के बाद लिया है।
एक जानकारी के मुताबिक 2015 में नेपाल के भूकंप के बाद करीब 15 हजार नेपाली प्रवासियों को टीपीएस स्टेटस मिला था लेकिन देश में सिर्फ 9 हजार नेपाली ही रह रहे हैं। नेपाली लोगों को यह अनुमति अवैध ढंग से अमेरिका जाने के लिए नहीं बल्कि 1990 में बने कानून के चलते मिली थी।