अमेरिकी प्रतिनिधि सभा के लिए चुनी जाने वाली पहली भारतवंशी महिला सांसद प्रमिला जयपाल को ट्रंप प्रशासन की अमानवीय और जीरो टॉलेरेंस नीति का विरोध करने पर गिरफ्तार कर लिया गया। प्रमिला के साथ ट्रंप प्रशासन की नई आव्रजन नीति का विरोध प्रदर्शन करते हुए 500 से अधिक अन्य महिलाओं को भी कैपिटल हिल इलाके में बृहस्पतिवार को गिरफ्तार किया गया।
अमेरिकी सीमा पर प्रवासी नागरिकों और उनके बच्चों को पिछले दिनों पकड़ा गया था। इस कार्रवाई में करीब 2,000 बच्चों को उनके माता-पिता से अलग कर दिया गया।
ट्रंप प्रशासन की इसी नीति का विरोध कर रही 52 वर्षीय प्रमिला जयपाल प्रमिला ने कहा, मुझे 500 से अधिक महिलाओं के एक समूह के साथ उस वक्त गिरफ्तार किया गया जब हार्ट सीनेट इमारत में आकर हम ट्रंप की अमानवीय और जीरो टॉलेरेंस नीति का विरोध कर रहे थे। उन्हें नागरिक अवज्ञा कार्रवाई के तहत इमारत में घुसने को लेकर अवैध प्रदर्शन के आरोप में गिरफ्तार किया गया।
प्रमिला जयपाल ने ट्विटर पर पोस्ट एक वीडियो में कहा कि मुझे उन लोगों के शिविर में आकर गिरफ्तार होने पर गर्व महसूस हो रहा है जो मानते हैं कि अमेरिका एक बेहतर देश है।
विरोध प्रदर्शन से पहले महिलाओं ने राजधानी वाशिंगटन की सड़कों पर विरोध मार्च भी निकाला। प्रमिला अमेरिकी संसद की ऐसी पहली सदस्य हैं जिन्होंने उस संघीय जेल का दौरा किया जहां शरणार्थियों को उनके बच्चों से अलग रखा गया है। यहां की महिलाओं ने प्रमिला को अपनी आपबीती भी सुनाई। डेमोक्रेट सीनेटर माजी हिरोनो, टैमी डकवर्थ और जेफ मर्कले ने भी कुछ प्रदर्शनकारियों से बात की।