भारत ने जिस डॉन दाऊद इब्राहिम को भगोड़ा करार दिया, उसके पाक-आधारित आपराधिक गुट डी कंपनी ने कई देशों में अपने पैर पसार लिए हैं। अमेरिकी सांसदों को बताया गया कि दाऊद की डी-कंपनी ने ड्रग्स से जुड़ी तस्करी से अंतरराष्ट्रीय स्तर के आपराधिक-आतंकी संगठन का निर्माण कर लिया है। अमेरिकी सांसदों को यह जानकारी देते हुए जार्ज मैसन यूनिवर्सिटी के स्कार स्कूल ऑफ पॉलिसी में प्रोफेसर डॉ. लुईस शेली ने बताया कि मैक्सिको को नशीले पदार्थों के संगठनों की तरह डी-कंपनी का जाल विभिन्न देशों में फैला हुआ है। वे हथियारों तथा नकली डीवीडी की तस्करी करते हैं और हवाला संचालकों को वित्तीय सेवाएं उपलब्ध कराते हैं।
डॉ. शेली ने आतंकवाद और अवैध वित्त पोषण पर सदन की वित्तीय सेवाओं संबंधी समिति के सामने सुनवाई को दौरान यह जानकारी दी है। अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद भारत में कई आतंकी हमले कराना चाहता था लेकिन अब वह भारतीय व अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार कराची में मौजूद है जबकि पाक ने उसकी मौजूदगी से इनकार किया है। दाऊद के खिलाफ भारत का अभियान 2003 में अमेरिका ने स्वीकार करते हुए उसे वैश्विक आतंकवादी घोषित किया था जिसके तार अल-कायदा से जुड़े हुए थे। दाऊद पर संयुक्त राष्ट्र ने भी आतंकवाद विरोधी प्रस्ताव के तहत प्रतिबंध लगा चुका है। भारत के दावों का समर्थन करते हुए अमेरिकी वित्त मंत्रालय ने कहा था कि दाऊद कराची में है और उसके पास पाक पासपोर्ट भी है।
दाऊद के खिलाफ भारत के लगातार जारी अभियान को अमेरिका ने साल 2003 में स्वीकार किया था, जब यूएस ट्रेजरी डिपार्टमेंट ने दाऊद के आतंकी संगठन अल-कायदा से संबंध होने के आरोप में वैश्विक आतंकी घोषित किया था। दाऊद पर संयुक्त राष्ट्र ने भी प्रतिबंध लगाए थे। पाकिस्तान द्वारा दाऊद को संरक्षण देने के भारत के दावों के समर्थन में आते हुए अमेरिकी ट्रेजरी डिपार्टमेंट ने बताया था कि दाऊद कराची में है और उसके पास पाकिस्तानी पासपोर्ट भी है।