एक शीर्ष अमेरिका सांसद ने पाकिस्तान पर जिहादी चरमपंथ के जरिये शासन करने का आरोप लगाया है। साथ ही देश के अन्य संस्कृतियों को दमन करने का भी आरोप लगाया है। सांसद ने इस्लामाबाद को चेताया कि अगर यही सिलसिला जारी रहा तो उसे वर्ष 1971 के विभाजन जैसे हालात का सामना करना पड़ सकता है।
अमेरिकी कांग्रेस के ब्रैड शरमन ने कहा, ‘जो लोग सोचते हैं कि वे अन्य संस्कृतियों पर हमले कर तथा उनका दम कर पाकिस्तान को एकजुट रख सकते हैं, उन्हें ढाका जाना चाहिए।’ शरमन सदन की एशिया और प्रशांत क्षेत्र पर विदेश मामलों की उप समिति के सदस्य भी हैं।
सिंधी फाउंडेशन में अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि एक के बाद एक आती गई पाकिस्तानी सरकारें खासकर मौजूदा सरकार ने सिंधियों की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर पर चरणबद्ध तरीके से हमले करने की कोशिश की है।