ट्रंप प्रशासन ने कांग्रेस को बताया कि वह एफ-18 और एफ-16 लड़ाकू विमानों की भारत को बिक्री का मजबूती से समर्थन करता है। साथ ही जोर देकर यह भी कहा कि इन प्रस्तावों में भारत-ट्रंप रक्षा संबंधों को अगले स्तर पर ले जाने की प्रबल क्षमता है।
दक्षिण और मध्य एशिया मामलों की कार्यवाहक सहायक विदेश मंत्री ऐलिस वेल्स ने लिखित बयान में कांग्रेस की एक उपसमिति को बताया, ‘भारत के साथ रक्षा सहयोग दोनों देशों के संबंधों के लिए एक महत्वपूर्ण स्तंभ साबित होगा। ऐसा इसलिए क्योंकि अमेरिका चाहता है कि भारत-प्रशांत क्षेत्र में भारत सुरक्षा प्रदाता बनकर उभरे।'
उन्होंने आगे कहा कि ट्रंप प्रशासन भारत को बोइंग और लॉकहीड माटर्नि के लड़ाकू विमानों एफ-18 और एफ-16 की बिक्री के प्रस्ताव का जोरदार समर्थन करता है।
वेल्स ने कहा कि भारत-प्रशांत क्षेत्र वैश्विक व्यापार और वाणिज्य का प्रमुख बिंदू है, जहां विश्वभर के 90 हजार वाणिज्यिक जहाजों में से करीब आधे गुजरते हैं। इन जहाजों में से कई अमेरिका से हैं। तेल की वैश्विक खरीद-बिक्री के मालवहन का दो-तिहाई हिस्सा इस क्षेत्र से गुजरता है।
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उन्होंने कहा कि भारत जैसे समान सोच वाले साझेदारों के साथ काम करना, जिसमें अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था को बनाए रखने की रणनीतिक और आर्थिक क्षमता है, हमारे लिये लाभकारी है। इस व्यवस्था ने बीते सात दशक में मानवता की काफी सेवा की है। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक देश होने के नाते भारत और अमेरिका दोनों की अहम प्राथमिकता आतंकवाद से मुकाबला करना है।