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गोलीकांड के बाद फिर खुला अमेरिकी गुरुद्वारा

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घातक गोलीकांड के छह दिन बाद अमेरिका स्थित ओक क्रीक गुरुद्वारे को आम लोगों के लिए फिर से खोल दिया गया है। हादसे में मारे गए लोगों के अंतिम संस्कार के बाद सिख समुदाय के सौ से अधिक लोगों द्वारा इस धार्मिक परिसर की सफाई का काम किया गया।
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मालूम हो कि अमेरिका के विस्कोंसिन राज्य के ओक क्रीक शहर में स्थित इसी गुरुद्वारे में रविवार को एक ‘नव नाजी’ पूर्व अमेरिकी सैनिक वेड माइकल पेज द्वारा की गई गोलीबारी में सिख समुदाय के छह लोगों की मौत हो गई थी। लोगों की हत्या करने के बाद इस शख्स ने खुद को गोली मार ली थी। वहां की मंदिर समिति (टेंपल कम्यूनिटी) के सदस्य जगजीत सिंह संधू ने बताया कि गुरुद्वारा लोगों के लिए फिर से खोल दिया गया है।

संधू ने कहा कि हम आशा कर रहे थे कि यह जल्द ही साफ हो जाएगा, लेकिन ऐसा करने में थोड़ा वक्त लग गया। फिलहाल यह जनता के लिए खुल गया है। पुरुषों ने जहां गुरुद्वारे की दीवारों का फिर से रंगरोगन किया और इसकी कालीनों को साफ किया। वहीं महिलाओं ने घटना के बाद पहली बार सामुदायिक भोज तैयार किया। स्थानीय पुलिस द्वारा हाल में ही इस परिसर को गुरुद्वारा प्रबंधन को सौंप गया, जिसके बाद इसकी सफाई की काम शुरू किया।
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घटना की याद दिलाएंगे गोलियों के निशान
वैसे तो गुरुद्वारे से गोलीबारी के निशान मिटाए जा चुके हैं, लेकिन उस भयावह घटना की याद में गुरुद्वारे के दरवाजे पर गोली का एक निशान रहने दिया गया है। हादसे में मारे गए सतवंत सिंह कालेका के बेटे अमरदीप कालेका ने बताया कि गोली का यह निशान उस दरवाजे पर है, जो मुख्य प्रार्थना स्थल की ओर जाता है, जहां 41 वर्षीया परमजीत कौर की गोलीबारी में मौत हो गई थी। कालेका ने कहा कि मैं यह लिखने जा रहा हूं कि यहां अभी भी खून बिखरा था, वहां गोली के निशान अभी भी मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि गुरुद्वारे की सफाई होने के बाद बहुत सारी सकारात्मक ऊर्जा उत्पन्न हो रही है।
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