अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने ‘करीबी परिजन’ की परिभाषा को और विस्तार दिया है। ‘करीबी परिजन’ की नई परिभाषा में दादा-दादी और अन्य रिश्तेदारों को भी शामिल कर लिया है। अब यह नई परिभाषा छह मुस्लिम बहुल देशों के शरणार्थियों व वीजा आवेदकों के लिए अमेरिका की वास्तविक संबंधों वाली श्रेणी के रूप में स्वीकृत होगी।
बतात चलें कि पिछले हफ्ते हवाई की संघीय अदालत के एक आदेश पर संबंधित विभाग ने सोमवार को अमेरिकी राजनयिकों को नए दिशा निर्देश जारी किए। नए निर्देशों में कहा गया है कि अमेरिकी राजनयिक छह मुस्लिम बहुल देशों से अमेरिकी वीजा के लिए आवेदकों की पात्रता के बारे में दादा-दादी, पोता-पोती, भाई-भाभी, चाचा-चाची, भतीजे-भतीजी, चचेरे भाई-बहन या ऐसे अन्य रिश्तेदारों आदि को शामिल करने पर भी गौर करें।
विभाग के मुताबिक यह फैसला तत्काल प्रभाव से लागू हो जाएगा। वीजा मामलों में निर्णय लेने के लिए जारी की गई नई विस्तृत परिभाषा के बारे में सभी दूतावासों एवं वाणिज्य दूतावासों को भी अवगत करा दिया गया है।
गौरतलब है कि अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट की ओर से राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कार्यकारी आदेश को आंशिक रूप से बहाल किए जाने के बाद ट्रंप प्रशासन ने यह कदम उठाया है। बता दें कि मुस्लिम देशों के अमेरिकी वीजा पर बैन लगाने के बाद चारों तरफ उनकी खूब किरकिरी हो रही थी, जिसके बाद उन्होंने यह नया फरमान जारी किया है।