अमेरिकी सरकार ने भारतीय सेना के लिए 6 एएच-64 ई अपाचे अटैक हेलिकॉप्टर के रक्षा समझौते को मंजूरी दे दी है। ये जानकारी अमेरिकी विदेश विभाग ने मंगलवार को दी। 93 करोड़ डॉलर (करीब 6,285 करोड़ रुपये) के इस समझौते को अमेरिकी कांग्रेस पास कर चुकी है। यदि कोई अमेरिकी सांसद इस पर आपत्ति नहीं उठाता तो इसे अमल के लिए आगे भेज दिया जाएगा।
भारत में अपाचे के ढांचे को अमेरिकी कंपनी बोइंग और उसके भारतीय पार्टनर टाटा ने बनाना भी शुरू कर दिया है लेकिन जब तक इस समझौते को मंजूरी नहीं मिलती तब तक अमेरिकी निर्माता भारत को सीधे ये हेलिकॉप्टर नहीं बेच सकता। लेकिन मंगलवार को मिली मंजूरी के बाद इसे खरीदने का रास्ता साफ दिखाई दे रहा है। इस डील के मुख्य कॉन्ट्रैक्टर लॉकहीड मार्टिन, जनरल इलैक्ट्रिक और रेथिऑन हैं।
दुनिया के सबसे घातक अटैक
हेलिकॉप्टर के अलावा इस सौदे में नाइट विजन सेंसर, जीपीएस गाइडेंस, हजारों हेलफायर एंटी-आर्मर और हवा में हमला करने वाली स्टिंगर मिसाइल की बिक्री भी शामिल है। अमेरिकी डिफेंस सिक्योरिटी कॉर्पोरेशन एजेंसी के मुताबिक एएच-64 भारत की रक्षात्मक क्षमता में वृद्धि करेगा। इससे भारतीय वायु सेना आधुनिक बनेगी और बेहतर ढंग से खतरों का सामना कर पाएगी।