अमेरिका और उत्तर कोरिया के बीच जारी जुबानी जंग अब खतरनाक मोड़ लेती हुई दिख रही है। सोमवार को कोरियाई प्रायद्वीप के ऊपर से चार युद्धक और दो बमवर्षक अमेरिकी वमानों ने उड़ान भरी। इस अमेरिकी कार्रवाई को उत्तर कोरिया की ओर से हाल ही में किए गए परमाणु और मिसाइल परीक्षणों का जवाब माना जा रहा है।
उत्तर कोरिया के साथ जब भी मतभेद बढ़ जाते हैं तो अमेरिका अक्सर अपने शक्तिशाली विमानों को भेजता है। दरअसल 3 सितंबर को उत्तर कोरिया ने अपना सबसे शक्तिशाली और छठा परमाणु परीक्षण किया था जिसके बाद संयुक्त राष्ट्र ने उत्तर कोरिया पर कुछ नए प्रतिबंध लगा दिए थे।
इसके जवाब में उसने जापान पर मिसाइल छोड़ दिया था। अमेरिकी और दक्षिण कोरियाई सेनाओं ने बताया कि सोमवार को उत्तर कोरियाई प्रायद्वीप पर से गुजरे विमानों में अमेरिकी सेना के दो बी-1बी बमवर्षक और चार एफ-35बी जबकि दक्षिण कोरिया के चार एफ-15के लड़ाकू विमान शामिल थे।
वहीं अमेरिकी प्रशांत कमांड ने अपने बयान में कहा कि अमेरिकी और दक्षिण कोरियाई विमानों ने साझा सैन्य अभ्यास किया। वहीं अमेरिकी लड़ाकू विमानों ने दक्षिणी द्वीप युशु के पास समुद्र के ऊपर जापानी लड़ाकू विमानों के साथ भी प्रशिक्षण किया।
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किम के आने के बाद बढ़ी परीक्षणों की संख्या
उत्तर कोरिया पर जिन परीक्षणों के कारण प्रतिबंध लगाए जाते रहे हैं दरअसल उनकी संख्या मौजूदा तानाशाह किम जोंग उन के 2011 में सत्ता में आने के बाद बढ़ी है।
हथियारों के बढ़ते परीक्षण को देखें तो जुलाई में ही उत्तर कोरिया ने दो अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइलों का परीक्षण किया था। वहीं सितंबर में किया गया उसका परीक्षण अब तक का सबसे शक्तिशाली परीक्षण है।