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अमेरिका ने चीनी कंपनी हुआवे और सीएफओ मेंग पर किया धोखाधड़ी का केस, सूचना लीक करने का आरोप

Wed, 27 Mar 2019 05:39 PM IST
तिवारी अभिषेक वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
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US announced charges against Huawei
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अमेरिका ने चीन की दिग्गज फोन निर्माता कंपनी हुआवे और उसकी सीएफओ मेंग वानझोऊ पर धोखाधड़ी करने का केस किया है। समाचार एजेंसी एपी की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका ने हुआवे पर गुप्त जानकारी लीक करने का आरोप लगाया है। बता दें कि हुआवे की सीएफओ मेंग वानझोऊ को ईरान पर कथित रूप से प्रतिबंध लगाने के अमेरिकी अनुरोध पर पिछले महीने कनाडा में गिरफ्तार किया गया था। इस मामले ने चीन, कनाडा और अमेरिका के रिश्तों को बुरी तरह प्रभावित किया है। हालांकि हुआवे और उसकी सीएफओ मेंग वानझोऊ दोनों ने अमेरिका के इन आरोपों से इनकार किया है। 

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इससे पहले, सोमवार (28 जनवरी) को हुआवे की सीएफओ मेंग वानझोऊ की गिरफ्तारी पर विवादित बयानों के कारण कनाडा ने चीन में अपने राजदूत जॉन मैककैलम को पद से बर्खास्त कर दिया था। दरअसल, ईरान पर अमेरिकी प्रतिबंध के बाद भी हुआवे द्वारा कारोबार करने और इसकी जानकारी छुपाने के मामले में अमेरिका वेंग का प्रत्यर्पण चाहता है।

गौरतलब है कि जॉन मैककैलम ने हाल में चीनी मीडिया के सामने बयान दिया था कि मेंग को अमेरिका प्रत्यर्पित किया जाना अच्छा नहीं होगा। उनके बयान को चीन के पक्ष में माना जा रहा था। वहीं कनाडा के इस फैसले ने साफ कर दिया है कि वह इस मामले में चीन के सामने नहीं झुकेगा। बता दें कि मेंग को एक दिसंबर को कनाडा में गिरफ्तार किया गया था। वह हुआवे के संस्थापक की बेटी भी हैं।
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मेंग की गिरफ्तारी के बाद से चीन और कनाडा के संबंधों में तनाव बना हुआ है। चीन ने भी दबाव बनाने के लिए अपने यहां कनाडा के दो नागरिकों को हिरासत में लिया हुआ है। आरोप है कि हुआवे के चीनी सेना से करीबी संबंध हैं और इसके उत्पादों से दूसरे देशों की जासूसी की जाती है।

त्रुदो ने कहा था कि जिम निकेल अब चीन में कनाडा का प्रतिनिधित्व करेंगे। त्रुदो ने यह भी स्पष्ट किया था कि अमेरिका के साथ अपनी प्रत्यर्पण संधि का कनाडा सम्मान करेगा। वहीं विपक्ष के नेता एंड्रयू शीर ने कहा था कि जॉन को पहले ही बर्खास्त कर दिया जाना चाहिए था, क्योंकि उनकी टिप्पणी से मेंग के मुद्दे के राजनीतिकरण का खतरा पैदा हो गया।

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