चक्रवाती तूफान सैंडी की दस्तक से अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव की सरगर्मियां ठंडी पड़ गई हैं।
कैरीबियाई क्षेत्र में तबाही के बाद ये तूफान अब अमेरिका के पूर्वी तट की ओर बढ़ रहा है और सोमवार रात होते-होते इसके तट पर पहुंच जाने की आशंका है।
तूफान की रफ्तार और प्रकृति को भांपते हुए मौसम वैज्ञानिकों की चेतावनी पर अमल करते हुए अधिकारी युद्धस्तर पर राहत और बचाव कार्य की तैयारियों में जुटे हैं।
तूफान ऐसे वक्त आ रहा है जब राष्ट्रपति चुनाव में नौ दिन बाकी रह गए हैं। इस तूफान की वजह से ही राष्ट्रपति बराक ओबामा और उनके प्रतिद्वंद्वी मिट रोमनी को अपने चुनावी कार्यक्रम रद्द करने पड़े हैं।
बराक ओबामा को वर्जीनिया समेत तीन राज्यों का तूफ़ानी दौरा करना था, लेकिन सैंडी की दस्तक के मद्देनजर उन्हें रविवार का दिन आपदा केंद्र के अधिकारियों से साथ तैयारियों का जायजा लेने में बिताना पड़ा।
तूफ़ान और सियासत
डेमोक्रेटिक और रिपब्लिकन दोनों ही पार्टियों ने मतदाताओं से जल्द से जल्द अपने मताधिकार का इस्तेमाल करने की अपील की है क्योंकि अमेरिका में चुनाव की तारीख से कुछ सप्ताह पहले भी वोट डाले जा सकते हैं।
राष्ट्रपति ओबामा ने अपना वोट पिछले ही हफ्ते डाल दिया था। सैंडी का असर केवल चुनाव प्रचार पर ही नहीं पड़ रहा है, अमरीकी प्रशासन का कामकाज सोमवार और संभवत: मंगलवार को भी बंद रहेगा जिसके लिए लगभग आठ लाख लोग काम करते हैं।
वैसे सैंडी तूफान का सियासी फायदा उठाने की भी बातें की जा रही हैं। बराक ओबामा पर पहले से अधिक दबाव रहेगा क्योंकि उन्हें चुनावी प्रचार के लिए निर्धारित वक्त में से समय निकालकर आपदा अधिकारियों से लगातार संपर्क में रहना होगा।
ओबामा को साथ-साथ ही आम लोगों को भी संबोधित करना है जो उनके चुनाव प्रचार कार्यक्रम का हिस्सा है, जैसा उन्होंने रविवार को किया था।
वहीं मिट रोमनी इस इंतजार में होंगे कि आपदा से निपटने में प्रशासन से चूक हो और वो इसे मुद्दा बना लें। सात वर्ष पहले कटरीना तूफान से हुई तबाही के दौरान बुश प्रशासन राहत और बचाव-कार्यों में बुरी तरह नाकाम रहा था।
लेकिन राष्ट्रपति ओबामा ने इस तूफान के दौरान अच्छे प्रशासन का परिचय दिया तो वे इस कामयाबी की चर्चा अपनी चुनावी मुहिम के दौरान जरूर करना चाहेंगे।