फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

निक्की हेली ने कहा- लॉ स्टूडेंट थीं मां, महिला होने के चलते भारत में नहीं बन सकीं जज

Thu, 30 Mar 2017 01:57 PM IST
amarujala.com- Written by: राघवेंद्र मिश्र
विज्ञापन
निक्की हेली
विज्ञापन
संयुक्त राष्ट्र में अमेरिका की राजदूत निक्की हेली बुधवार को 'काउंसिल ऑन फॉरेन रिलेशंस' पहुंची। उन्होंने कहा कि भारत और इजरायल की संस्कृतियों में कई समानताएं हैं। दोनों देशों के लोग पेशेवर हैं और शायद ही किसी संघर्ष से पीछे हटते हैं। बताते चलें कि निक्की भारतीय मूल की हैं और उनके पिता अजीत सिंह रंधावा और मां राज कौर रंधावा भारत से कनाडा जा कर बस गए थे। इसके बाद वह अमेरिका चले गए।
विज्ञापन


हेली ने दावा किया, 'मेरी वकील मां को भारत में महिलाओं की स्थिति के कारण अदालत में जज के तौर पर पीठ में शामिल नहीं किया गया था। यह बात मेरे दिल के करीब है। जब भारत में ज्यादा लोग शिक्षित नहीं हुआ करते थे तब मेरी मां लॉ स्कूल गईं। उनके लिए यह देखना कितना अच्छा रहा होगा कि उनकी बेटी दक्षिण कैरोलिना की गवर्नर और संयुक्त राष्ट्र में अमेरिका की राजदूत बनी।'

महिलाओं पर पूछे गए सवाल के जवाब में उन्होंने कहा, मुझे लगता है कि दुनिया में ऐसा कुछ नहीं है जो महिलाएं नहीं कर सकती हैं। जब भी किसी लोकतंत्र ने महिलाओं का उत्थान चाहा है तो उसे लाभ मिला है। ईरान के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि ईरानी समझौते से सिर्फ उसे ही बल मिला और वह ज्यादा सशक्त हुआ। इस समझौते से सिर्फ ईरान और रूस का सशक्त होना चिंता का विषय है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें