संयुक्त राष्ट्र में अमेरिका की राजदूत निक्की हेली बुधवार को 'काउंसिल ऑन फॉरेन रिलेशंस' पहुंची। उन्होंने कहा कि भारत और इजरायल की संस्कृतियों में कई समानताएं हैं। दोनों देशों के लोग पेशेवर हैं और शायद ही किसी संघर्ष से पीछे हटते हैं। बताते चलें कि निक्की भारतीय मूल की हैं और उनके पिता अजीत सिंह रंधावा और मां राज कौर रंधावा भारत से कनाडा जा कर बस गए थे। इसके बाद वह अमेरिका चले गए।
हेली ने दावा किया, 'मेरी वकील मां को भारत में महिलाओं की स्थिति के कारण अदालत में जज के तौर पर पीठ में शामिल नहीं किया गया था। यह बात मेरे दिल के करीब है। जब भारत में ज्यादा लोग शिक्षित नहीं हुआ करते थे तब मेरी मां लॉ स्कूल गईं। उनके लिए यह देखना कितना अच्छा रहा होगा कि उनकी बेटी दक्षिण कैरोलिना की गवर्नर और संयुक्त राष्ट्र में अमेरिका की राजदूत बनी।'
महिलाओं पर पूछे गए सवाल के जवाब में उन्होंने कहा, मुझे लगता है कि दुनिया में ऐसा कुछ नहीं है जो महिलाएं नहीं कर सकती हैं। जब भी किसी लोकतंत्र ने महिलाओं का उत्थान चाहा है तो उसे लाभ मिला है। ईरान के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि ईरानी समझौते से सिर्फ उसे ही बल मिला और वह ज्यादा सशक्त हुआ। इस समझौते से सिर्फ ईरान और रूस का सशक्त होना चिंता का विषय है।