डोनल्ड ट्रंप के सत्ता में आने के बाद भारत यह उम्मीद कर रहा था कि अमेरिका अब पाकिस्तान के साथ अपने संबंधो पर दोबारा विचार करेगा, साथ ही पाक को मिलने वाली सहायता राशि में कटौती करेगा। लेकिन अमेरिका, भारत की उम्मीदों को झटका देते हुए पाकिस्तान को 90 करोड़ डॉलर की आर्थिक मदद देने जा रहा है। अमेरिकी संसद में शुक्रवार को इससे संबंधित सुरक्षा बिल पास किया गया। हालांकि अभी इस बिल पर पेंटागन का मुहर लगना बाकि है।
अमेरिका के हाउस ऑफ रिप्रजेंटेटिव्स में वित्तीय वर्ष 2017 के लिए पारित यूएस नेशनल डिफेंस ऑथोराइजेशन एक्ट के तहत इस मदद का प्रावधान किया गया है। इसमें पूरी दुनिया के लिए 11 अरब डॉलर की वित्तीय मदद देने की बात की गई है जिसमें से 90 करोड़ डॉलर पाकिस्तान के लिए तय किया गया है। यह मदद आर्थिक एवं अन्य जरूरतों की पूर्ति के लिए दी जा रही है।
हालाँकि इस मदद को पेंटागन की मंजूरी की आवश्यकता होगी क्योंकि सुरक्षा विभाग पाकिस्तान स्थित हक्कानी नेटवर्क की गतिविधियों की जांच कर रहा है। पाकिस्तान के अखबार डॉन के अनुसार कुल 45 करोड़ डॉलर की मदद को पेंटागन की मंजूरी की जरूरत होगी। इससे पहले रक्षा मंत्री एश्टन कार्टन के मंजूरी देने से इंकार करने के कारण पाकिस्तान को मिलने वाली 30 करोड़ डॉलर की मदद रद्द कर दी गयी थी।
इस बिल पर सीनेट में अगले सप्ताह मतदान होगा। आम सहमति पर आधारित होने के कारण सीनेट में इसके पारित होने में रुकावट नहीं आने की संभावना है।