एफ-16 सौदे में रियायत देने से इनकार करने के बाद अमेरिका पाकिस्तान को एक और झटका दे सकता है। हक्कानी नेटवर्क जैसे आतंकी संगठनों के प्रति कार्रवाई न करने और प्रतिबद्धता दिखाने में नाकामयाब होने पर अमेरिकी संसद उसे दिए जाने वाले 45 करोड़ डॉलर के सहयोग को बंद कर सकती है।
दरअसल पाकिस्तान को इस साल के अक्टूबर से अगले साल दिसंबर तक अमेरिका की तरफ से 45 करोड़ डॉलर की सहयोग राशि दी जानी है। हालांकि वित्तीय वर्ष 2017 के लिए लाए गए राष्ट्रीय सुरक्षा प्राधिकार अधिनियम (एनडीएए) में इस पर रोक लगाने का प्रस्ताव लाया गया है। हाउस आर्म्ड सर्विसेज कमेटी ने पिछले हफ्ते ही एनडीएए को हरी झंडी दिखाई है। इसमें कहा गया है कि जब तक विदेश मंत्री यह प्रमाणित नहीं कर देते कि पाकिस्तान हक्कानी नेटवर्क के खिलाफ सैन्य अभियान जारी रखे हुए है, तब तक उसे देश हित में यह सहयोग नहीं दिया जाएगा।
विदेश मंत्री को यह भी प्रमाणित करना होगा कि पाक हक्कानी के खिलाफ अफगानिस्तान के साथ कार्रवाई करने के लिए प्रतिबद्ध है। कमेटी से पास हो जाने के बाद यह अधिनियम कांग्रेस में पहुंचेगा। अगर वहां से इसे हरी झंडी मिल जाती है, तो यह विदेश मंत्री पर निर्भर करेगा कि वह पाक को फेल करते हैं या पास।