अमेरिका के 21 राज्यों की तरफ से किया गया है कि US में 2016 में हुए राष्ट्रपति चुनाव में रूस ने डोनाल्ड ट्रंप को जीत दिलवाने की कोशिश की थी। इन राज्यों का दावा है कि रूसी सरकार के हैकर्स ने ट्रंप के समर्थन में वोटों को बदलने की नाकाम कोशिश की थी। हालांकि, इससे पहले तक रूस किसी भी तरह के हस्तक्षेप की बात को नकार चुका है और डोनाल्ड ट्रंप भी रूस के साथ इस तरह का कोई समझौता होने की बात को नकार चुके हैं।
जिन राज्यों ने हैकिंग का दावा किया उसमें विस्कनसिनस, ओहियो, अलबामा, कनेक्टिकट, मिनेसोटा, टेक्सास और वाशिंगटन शामिल हैं। लेकिन इस बात का कोई सबूत नहीं है कि कथित रूसी हैकर्स वोटों को अपने मन मुताबिक बदल भी पाए।
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रॉयटर्स की खबर के मुताबिक, कोलोराडो के सेक्रेटरी ऑफ स्टेट वेन विलियम्स ने कहा 2016 चुनाव से लगभग एक हफ्ते पहले सिस्टम्स को स्कैन किया गया था। उन्होंने कहा कि यह ऐसा था कि चोर दरवाजे के आपसपास चक्कर काट रहा हो लेकिन दरवाजे को लॉक देखकर वहां से वापस चला जाए।
अमेरिका में आठ नवंबर 2016 को राष्ट्रपति चुनाव हुए थे। इसमें हिलेरी क्लिंटन और डोनाल्ड ट्रंप के बीच मुकाबला था। हिलेरी डेमोक्रेटिक पार्टी की उम्मीदवार थीं। वहीं ट्रंप रिपब्लिकन पार्टी की तरफ से खड़े थे। इसमें ट्रंप की जीत हुई थी। 71 साल के ट्रंप बिजनेसमैन हैं।