संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस
संयुक्त राष्ट्र ने जलवायु परिवर्तन के दुष्प्रभावों से लड़ने में अग्रणी भूमिका निभाने और दृढ़ प्रतिबद्धता दिखाने के लिए भारत और चीन की तारीफ की है। उसने कहा है कि एक ऐसे समय में जब दूसरे देश इससे पीछे हट रहे हैं, भारत और चीन ने मिसाल पेश की है।
इस वैश्विक संस्था के महासचिव
एंटोनियो गुटेरेस ने कहा कि जलवायु परिवर्तन को लेकर संयुक्त राष्ट्र पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। दुनिया भर में मौसम में आ रहे बदलावों के कारण अफ्रीकी देश सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं। वे शुक्रवार को यहां मिस्र को विकासशील देशों के समूह जी 77 एंड चाइना की अध्यक्षता सौंपे जाने के अवसर पर आयोजित एक समारोह को संबोधित कर रहे थे।
मालूम हो कि मिस्र से पहले इक्वाडोर इस समूह का अध्यक्ष था। गुटेरेस ने कहा कि हमें जलवायु परिवर्तन से पराजित नहीं होना है लेकिन अभी तक हम उससे जीत भी नहीं पाए हैं। जी 77 के देश खासकर अफ्रीकी देशों में इसके कारण सूखे की स्थिति पैदा हो रही है। छोटे-छोटे द्वीपों वाले देश समुद्री तूफान की चपेट में आ रहे हैं। समुद्र का जलस्तर बढ़ने से भी उनके अस्तित्व को खतरा है। लेकिन इसके साथ ही जी 77 के दो बड़े देश भारत और चीन इन दुष्प्रभावों से निपटने के लिए पूर्णतया प्रतिबद्ध हैं।
उन्होंने अमेरिका का नाम लिए बगैर कहा कि जलवायु परिवर्तन को लेकर कुछ देश पीछे हट रहे हैं। वह भी तब जबकि इसके खतरे बढ़ते ही जा रहे हैं। अगर हम इससे नहीं जीत पाए तो स्थिति बदतर हो सकती है। मालूम हो कि अमेरिका ने पिछले साल खुद को जलवायु परिवर्तन पर पेरिस समझौते से अलग कर लिया था।