गलत काम करने वालों में कोई भी भारतीय शामिल नहीं
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यूएन की एक रिपोर्ट के अनुसार पिछले साल उसके शांति रक्षकों (पीस कीपर्स) पर यौन उत्पीड़न के 69 आरोप लगे थे। गलत काम करने वालों में कोई भी भारतीय शामिल नहीं था। 2014 में इस तरह के 52 आरोप सामने आए थे।
वैसे 2015 में पूरे संगठन में यौन उत्पीड़न की 99 कथित घटनाएं हुई हैं। संयुक्त राष्ट्र ने अपनी रिपोर्ट में पहली बार आरोपियों के देश का जिक्र किया है। इसमें बताया गया है कि ज्यादातर आरोपी कांगो, मोरक्को, दक्षिण अफ्रीका, कैमरून, रवांडा और तंजानिया के थे।
इस तरह के मामले बढ़ने का एक कारण सितंबर 2014 में केंद्रीय अफ्रीकन रिपब्लिक में मल्टीडायमेंशनल इंटीग्रेटेड स्टेबिलाइजेशन मिशन की स्थापना है, जहां सबसे अधिक 22 केस दर्ज हुए। 2015 के पहले यहां एक भी मामला रिपोर्ट नहीं किया गया था। भारत ने शांति रक्षकों द्वारा यौन उत्पीड़न की कड़ी निंदा की है और ऐसे अपराध के लिए जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाने पर बल दिया है।