संयुक्त राष्ट्र ने अफगानिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री एवं कट्टरपंथी नेता गुलबुद्दीन हिकमतयार का नाम आतंकवादियों की सूची से हटा दिया है। इसके बाद पूर्व में भारत विरोधी रुख रखने वाले इस नेता की जब्त की गई संपत्ति और यात्रा पर लगी रोक तथा हथियार रखने पर लगा प्रतिबंध समाप्त हो गया है। इन्होंने अफगानिस्तान सरकार के साथ शांति समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं।
हिकमतयार को ‘काबुल के कसाई’ के नाम से भी जाना जाता है। सुरक्षा परिषद की अलकायदा प्रतिबंध समिति ने हिकमतयार का नाम आईएस और अलकायदा प्रतिबंधित सूची से शुक्रवार को हटा दिया।
प्रतिबंध समिति ने एक बयान जारी करके कहा, ‘इसलिए संपत्ति पर रोक, यात्रा प्रतिबंध और हथियार रखने का प्रतिबंध अब हिकमतयार पर लागू नहीं होगा।’