संयुक्त राष्ट्र के मानवाधिकार प्रमुख ने राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा कुछ मीडिया समूहों की फर्जी समाचार को लेकर की गई भर्त्सना पर कड़ा ऐतराज जताया और कहा कि ट्रंप का मीडिया पर लगातार हमला पत्रकारों के खिलाफ हिंसा भड़का सकता है। संयुक्त राष्ट्र के मानवाधिकार प्रमुख ने कहा कि यह रवैये के अमेरिका से बाहर खतरनाक नतीजे आए हैं।
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जिनेवा में एक संवाददाता सम्मेलन के दौरान संयुक्त राष्ट्र के मानवाधिकार उच्चायुक्त जैद रायद अल-हुसैन ने अमेरिकी राष्ट्रपति की असामान्य रूप से तीखी आलोचना की। अल-हुसैन ने यह आलोचना ट्रंप द्वारा शारलटविले में श्वेत राष्ट्रवादियों की रैली में हिंसक झड़पों के बाद मीडिया को ‘कुटिल’ और ‘धोखेबाज’ कहने पर की।
उन्होंने कहा कि - ‘फीनिक्स में राष्ट्रपति के शब्द भी पत्रकारों के प्रति लोगों को शत्रु बनाने वाले प्रतीत होते हैं।’ जैद के मुताबिक ट्रंप लगातार मीडिया पर बरसते रहते हैं जो काबिल-ए-एतराज है।
संयुक्त राष्ट्र के मानवाधिकार उच्चायुक्त ने अमेरिकी राष्ट्रपति को मानवता की बस का ड्राइवर मानते हुए आरोप लगाया कि वह लापरवाही से बस चला रहे हैं। उन्होंने कहा कि - ‘यदि किसी पत्रकार को नुकसान होता है तो क्या इसे हवा देने की जिम्मेदारी राष्ट्रपति की नहीं होगी।’
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जैद ने न्यूयॉर्क टाइम्स, सीएनएस और वाशिंगटन पोस्ट पर ट्रंप के बयानों को लेकर खासतौर से सतर्क रहने को कहा है। उन्होंने तीखे शब्दों में कहा कि - ‘ट्रंप ने एक ऐसी प्रक्रिया शुरू की है जिसमें उकसावा, डर, हिंसा और आत्म-सेंसरशिप शामिल है।’