संयुक्त राष्ट्र महासचिव बान की मून ने दिल्ली सामूहिक बलात्कार मामले को 'क्रूरतम अपराध' करार दिया है और इसकी कड़े शब्दों में निंदा की है।
अंतरराष्ट्रीय संगठन के प्रवक्ता के जरिए जारी किए गए बयान में बान की मून ने कहा कि औरतों के खिलाफ हिंसा के मामलों को कभी स्वीकार नहीं किया जाना चाहिए। उसे किसी भी हालत में माफ नहीं किया जाना चाहिए, न ही उसे बर्दाश्त किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा हि ये हर लड़की और महिला का हक है कि उनका सम्मान हो और उनकी हिफाजत की जाए। संयुक्त राष्ट्र प्रमुख ने भारत सरकार से आग्रह किया है कि वो इस तरह के अपराध को रोकने के लिए क़दम उठाए और और इस मामले के दोषियों को कड़ी से कड़ी सज़ा मिले।
अंतिम संस्कार
दिसंबर 16 को दिल्ली के एक इलाके में सामूहिक बलात्कार का शिकार हुई 23 साल की युवती की मौत शनिवार को सिंगापुर के एक अस्पताल में हो गई थी। उन्हें वहां दिल्ली से इलाज के लिए ले जाया गया था। युवती के शव को रविवार भोर हवाई जहाज के जरिए दिल्ली वापस लाया गया जहां उनका अंतिम संस्कार कर दिया गया।
समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़ दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित और गृह राज्य मंत्री आरपीएन सिंह ने शव पर पुष्प अर्पित किए। जिस समय एयर इंडिया का विमान शव को लेकर सिंगापुर से दिल्ली पहुंचा तो एयरपोर्ट पर प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और कांग्रेस पार्टी की अध्यक्ष सोनिया गांधी भी मौजूद थीं जिन्होंने परिवार जनों से मुलाकात की।
हत्या का मुकदमा
दिल्ली पुलिस ने बलात्कार के मामले में गिरफ़्तार किए गए छह लोगों के ख़िलाफ़ हमला औक हत्या का मामला दर्ज किया है। पुलिस के प्रवक्ता राजन भगत ने कहा है कि इस कानून में मौत की सजा भी हो सकती है। पूरे मामले को लेकर नागरिकों में ग़म और गुस्से की लहर है और देश भर में विरोध प्रदर्शनों का सिलसिला जारी है।
राजधानी दिल्ली के कई इलाक़ों में पुलिस ने सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम किए हैं और उनकी नाकेबंदी कर दी गई है। मध्य दिल्ली के कई स्टेशनों पर मेट्रो सेवाओं को भी रद्द कर दिया गया था। बावजूद इसके लोगों के प्रदर्शनों के लिए जमा होने का सिलसिला रुका नहीं है।