अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप 2020 में होने वाले चुनाव से पहले मेक्सिको सीमा पर दीवार निर्माण के अपने वादे को किसी भी सूरत में अंजाम देना चाहते हैं। इसके लिए मनमाफिक बजट स्वीकृत नहीं होने पर आपातकाल लगाने के बाद अब दूसरी बड़ी कार्रवाई कर सकते हैं। ट्रंप इस विवादित दीवार के निर्माण के लिए आगामी बजट प्रस्ताव में 8.6 अरब डॉलर की राशि की मांग करने की ठानी है।
व्हाइट हाउस द्वारा रखे जाने वाले वित्तवर्ष 2020 के लिए इन बजट प्रस्तावों में अमेरिकी राष्ट्रपति यह मांग रख सकते हैं। राष्ट्रपति कार्यालय के ओवल दफ्तर के सूत्रों ने नाम गोपनीय रखने के शर्त पर कहा कि ट्रंप मेक्सिको के साथ सटी अमेरिकी सीमा पर दीवार के निर्माण के लिए पिछले साल की अपनी मांग से दोगुनी राशि की मांग कर सकते हैं।
पिछले साल उन्होंने दीवार के लिए 5.7 अरब डॉलर की मांग की थी। सूत्रों ने बताया कि ट्रंप को स्पष्ट कर दिया गया है कि जितनी राशि में वह दीवार बनाने की सोच रहे हैं यह काम नहीं हो पाएगा और पिछले चुनाव में किया गया उनका वादा टूट जाएगा।
सरकारी सूत्रों ने बताया कि इस धन राशि का उपयोग करीब 700 मील (1127 किलोमीटर) लंबी मेक्सिको सीमा पर दीवार के निर्माण के लिए किया जाएगा। वित्त वर्ष 2020 एक अक्तूबर को शुरू होगा। कांग्रेस (अमेरिकी संसद) को इससे पहले ही बजट पारित करना होगा ताकि संघीय सरकार वित्तवर्ष 2020 के शुरू होने के बाद अपना काम सुचारू ढंग से चला सके।
दीवार का निर्माण सबसे अहम
व्हाइट हाउस के आर्थिक सलाहकार लैरी कुजलो ने मीडिया के साथ बातचीत में कहा कि मेक्सिको सीमा पर दीवार का निर्माण अमेरिका के लिए सर्वोपरि महत्व रखता है और वह उम्मीद करते हैं कि ट्रंप दीवार निर्माण की अपनी योजना के साथ बने रहेंगे। बता दें कि 2016 के चुनाव में सीमा पार से आने वाले प्रवासियों और नशा तस्करी को दूर करने के लिए ट्रंप ने मतदाताओं से दीवार निर्माण का वादा किया था।
बजट में सख्ती के संकेत, घरेलू खर्च में 5 फीसदी कटौती संभव
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भारतीय समयानुसार मंगलवार को वित्तीय वर्ष 2019-20 के लिए देश का वार्षिक बजट कांग्रेस के समक्ष भेजेंगे। इस बार बजट सख्त रहने के संकेत हैं और ट्रंप घरेलू खर्च में पांच फीसदी कटौती का प्रस्ताव दे सकते हैं। व्हाइट हाउस के प्रमुख आर्थिक सलाहकार लैरी कुडलो ने एक टीवी चैनल के साथ बातचीत में कहा कि ऐसा बजटीय घाटे से निपटने और समानांतर समय में तेजी से विकास सुनिश्चित करने के उद्देश्य से है। कुडलो ने उम्मीद जताई कि विकास दर वर्ष 2018 की तरह 2019 में और 2020 के बाद भी तीन फीसदी बनी रहेगी।