अमेरिका में रिपब्लिकन नेताओं ने देश के इतिहास में सबसे बड़े कर सुधार का खाका पेश किया है। शीर्ष रिपब्लिकन नेताओं ने कर सुधारों की रूपरेखा सामने रखी है जिसमें कॉर्पोरेट क्षेत्र के लिए कर की दर को 35 से घटाकर 20 फीसदी करने और कई अन्य प्रस्ताव भी शामिल किए गए हैं। हालांकि अभी विवरण नहीं दिया गया है।
बुधवार को रिपब्लिकन नेताओं ने एकजुटता दिखाते हुए कहा कि व्हाइट हाउस और कांग्रेस में जब तक उनका नियंत्रण है तब तक वो कर ढांचे में बदलाव कराएंगे। टेक्सॉस के रिप्रेजन्टेटिव केविन ब्रैडी ने कहा, "हम इस गति को बरकरार रखने के लिए तैयार हैं और कर सुधार लाएंगे।"
एक दशक में 2.2 ट्रिलियन डॉलर की छूट
डेमोक्रैट्स ने रिपब्लिकन प्रस्ताव को खारिज कर दिया है, उनका कहना है कि इससे मध्यम वर्गीय परिवारों पर बोझ बढ़ेगा जबकि अमीरों के लिए इसमें राहत होगी। डेमोक्रैट्स का कहना है कि कर दरों में कटौती से घाटा बढ़ेगा और स्वास्थ्य सेवाओं और सामाजिक सुरक्षा नीतियां खतरे में पड़ सकती हैं।
जबकि निष्पक्ष थिंक टैंक कमेटी फॉर ए रिस्पॉन्सिबल फेडरल बजट ने कहा है कि इन प्रस्तावों से एक दशक में टैक्स में 2.2 ट्रिलियन डॉलर की कटौती होगी। ट्रंप प्रशासन का कहना है कि कर ढांचे की खामियों को दूर करने से राजस्व में होने वाले घाटे को पूरा किया जा सकेगा, हालांकि रिपब्लिकन योजना में ये साफ नहीं है कि किन सुविधाओं में कटौती की जाएगी।
राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा है कि व्यापारियों के लिए कर दरों में कटौती से आर्थिक वृद्धि को बढ़ावा मिलेगा जिससे कर में कटौती की भरपाई की जा सकेगी। लेकिन अर्थशास्त्रियों का कहना है कि आर्थिक वृद्धि, कर की दरों में कटौती को पाटने के लिए पर्याप्त नहीं होगी।
अर्थशास्त्री इससे अमेरिका के वित्तीय घाटे के बढ़ने की आशंका जता रहे हैं, जो कि अब तक 20 ट्रिलियन डॉलर को पार कर चुका है। कमेटी फॉर ए रिस्पॉन्सिबल फेडरल बजट ने कहा है, ''ये साफ है कि अभी इस कर सुधार को वित्तीय तौर पर जिम्मेदार बनाने के लिए बहुत काम किया जाना बाकी है।''