राष्ट्रपति बनने के बाद डोनाल्ड ट्रंप ने इस्राइल के साथ रिश्तों में गर्माहट लाना शुरू कर दिया है। ओबामा नीति से हटकर ट्रंप प्रशासन येरुशलम में अमेरिकी दूतावास की फिर से स्थापना करने की दिशा में सोच रहा है। इसी कड़ी में ट्रंप ने इस्राइली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू से सुरक्षा व स्थिरता के मुद्दे पर बातचीत की और उन्हें फरवरी में व्हाइट हाउस का निमंत्रण दे डाला।
अधिकृत जानकारी के मुताबिक दोनों नेताओं ने फोन पर होने वाली इस बातचीत में इस्राइल व फलस्तीन के बीच शांति बनाने की कोशिशों पर चर्चा की। दोस्ताना माहौल में दोनों के बीच मध्य-पूर्व देशों में सुरक्षा व स्थिरता पर खासतौर से चर्चा हुई।
ट्रंप ने बातचीत को बहुत अच्छा बताया, जबकि नेतन्याहू ने इस चर्चा को गर्मजोशी से भरा बताया। हालांकि ट्रंप ने इस्राइल में अमेरिकी दूतावास को तेल अवीव से येरुशलम स्थानांतरित करने पर कुछ नहीं बताया क्योंकि इसे फलस्तीन भी अपनी राजधानी बताता है। लेकिन ट्रंप और उनके अंदरूनी सूत्र बताते हैं कि उनका इरादा इस दिशा में काम करने का है, जिसे ओबामा प्रशासन ने सरासर गलत ठहराया था।