आयात शुल्क पर अमेरिका की चीन और यूरोपीय देशों के साथ बढ़ती तकरार अब ट्रंप की चीन पर एक और चेतावनी के रूप में सामने आई है। अमेरिकी राष्ट्रपति ने धमकी दी है कि यदि चीन अपने अनुचित व्यवहार में बदलाव नहीं लाता है तो अमेरिका 200 अरब डॉलर के चीनी सामान पर 10 प्रतिशत का अतिरिक्त टैरिफ (शुल्क) लगाएगा। चीन ने ट्रंप की इस धमकी को ‘ब्लैकमेलिंग’ बताते हुए कहा है कि वह भी इसके जवाब में कदम उठाने को तैयार है।
दुनिया की दो सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में लंबे समय से चल रहे मतभेद के तहत ट्रंप ने कहा, मैंनेे चीन के अनुचित व्यवहार को रोकने के लिए अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि रॉबर्ट लाइटाइजर को निर्देश दिए हैं कि वह चीन से आयातित उन उत्पादों की दूसरी खेप की पहचान करें, जिन पर 10 प्रतिशत का अतिरिक्त शुल्क लगाया जा सकता है। इससे पहले पिछले हफ्ते अमेरिका ने चीन के 50 अरब डॉलर के सामान पर 25 फीसदी अतिरिक्त शुल्क लगाने की घोषणा की थी, जिसके जवाब में चीन ने भी अमेरिका के 50 अरब डॉलर के 659 उत्पादों पर शुल्क लगाने की घोषणा की।
ट्रंप के मुताबिक चीनी रवैये में बदलाव नहीं आने पर कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद 200 अरब डॉलर के चीनी सामान पर अतिरिक्त शुल्क लगाया जाएगा। उन्होंने कहा कि चीन की ताजा कार्रवाई अमेरिका को स्थायी रूप से नुकसान देने वाली है, जो अस्वीकार्य है। हमें आगे और कार्रवाई करनी होगी ताकि चीन पर अमेरिकी उत्पादों के लिए अपने बाजार खोलने और हमारे साथ संतुलित व्यापार संबंध बनाने का दबाव पड़े। उधर, चीनी वाणिज्य मंत्रालय ने कहा कि अमेरिका ने दबाव बनाने के लिए जो
ब्लैकमेलिंग का कदम उठाया है वह दोनों पक्षों के बीच बनी सहमति के रुख से उलट है।
दोनों देशों पर पड़ेगा ट्रेड वार का असर
अमेरिका और चीन के बीच कारोबारी युद्ध का असर दोनों ही देशों पर पड़ना तय है। अमेरिकी कार्रवाई का असर चीन के हवाई जहाज, टर्बाइन और व्यापारिक डिशवाशर जैसे उत्पादों पर पड़ेगा जबकि चीन द्वारा अमेरिका के 34 अरब अमेरिकी डॉलर के उत्पादों पर कर लगाने की घोषणा का असर कारों और समुद्री उत्पादों पर पड़ेगा। दोनों देशों द्वारा लगाए जाने वाले टैरिफ छह जुलाई से अमल में लाए जाने हैं। इसका असर अमेरिका में चीन से आने वाले उन पार्ट्स और असेंबली पर पड़ना तय है जिन्हें अमेरिकी सरकार सहेजने की कोशिश कर रही है।