एक तरफ नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अमेरिकी सरकार द्वारा जलवायु परिवर्तन पर वैश्विक कोशिशों का विरोध करते हुए सख्त रुख अपना रहे हैं और दूसरी तरफ बिल गेट्स ने स्वच्छ ऊर्जा कोष के लिए 1 अरब डॉलर के निवेश की घोषणा की है। माइक्रोसॉफ्ट सहसंचालक स्वच्छ ऊर्जा के लिए तकनीकी संसाधन मुहैया कराएंगे। गेट्स ऊर्जा शोध व विकास के तहत उत्सर्जन के चलते जलवायु परिवर्तन कम करने के लिए यह निवेश करेंगे।
ट्रंप द्वारा जलवायु परिवर्तन के बारे में संदेह व्यक्त करने और उनकी कैबिनेट में जीवाश्म ईंधन की पैरवी करने वाले व्यक्ति को नियुक्त करने पर बिल गेट्स ने कहा कि - ‘मैं उम्मीद करूंगा कि नवनिर्वाचित राष्ट्रपति अपनी सरकार बनाने के बाद अंतत: आर्थिक तत्व, रोजगार, इंफ्रास्ट्रक्चर और कारोबार के लिए बेहतर काम करेंगे।’ गेट्स ने कहा कि पूरी दुनिया को सुरक्षा कवच देने के लिए सबसे पहले जलवायु परिवर्तन की दिशा में बड़े काम करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि - ‘नई अमेरिकी सरकार द्वारा ऊर्जा शोध पर किया जाने वाला काम आगे की दिशा तय करेगा।’
बिल गेट्स द्वारा निवेश किए जाने वाले कोष के निवेशकों में सॉफ्ट बैंक के संस्थापक मसाएशी सन, लिंक्डइन कॉर्प के सह-संस्थापक रीड हॉफमेन, वर्जिन समूह के संस्थापक रिचर्ड बेनसन और जेफ बेजोस भी शामिल हैं। पूरी दुनिया के निजी निवेशकों व संस्थानों द्वारा ऊर्जा शोध व विकास के लिए सहमति जताई गई है। इस कार्यक्रम में अभी दुनिया के कई और उद्योगपतियों का जुड़ना बाकी है।