नवनियुक्त अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संयुक्त राष्ट्र को लताड़ते हुए उसे एक ऐसा क्लब बताया जहां लोग एक-दूसरे से मिलते हैं, बात करते हैं और मजे करते हैं।
ट्रंप ने एक ट्वीट में कहा कि संयुक्त राष्ट्र में अपार संभावनाएं हैं लेकिन फिलहाल यह लोगों के मिलने, बात करने और मौजमस्ती करने वाला क्लब बन गया है।
ट्रंप का यह बयान वेस्ट बैंक और येरुशलम में इजरायल की बस्तियों के खिलाफ यूएन सुरक्षा परिषद में हुई वोटिंग में से अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा के अनुपस्थित रहने के निर्णय के बाद आया है।
ओबामा की अनुपस्थति के कारण नीतियों में एक बड़ा बदलाव हुआ जिससे इजरायल के खिलाफ प्रस्ताव पास कर दिया गया। वोट से पहले ट्रंप ने सार्वजनिक तौर पर अमेरिका को प्रस्ताव के खिलाफ वीटो करने को कहा था।
इसके बाद वाशिंगटन पोस्ट ने कहा कि ट्रंप का ट्वीट ऐसा संकेत देता है कि अमेरिका के राष्ट्रपति का पदभार संभालने के बाद वे मध्य पूर्व की तरफ 71 साल पुरानी संस्था की सोच को चुनौती दे सकते हैं।
हालांकि ट्रंप ने पहले ही चेतावनी देते हुए कह दिया है कि संयुक्त राष्ट्र में चीजें 20 जनवरी के बाद बदल जाएंगी। ट्रंप ने साउथ कैरोलिना की गवर्नर भारतीय-अमेरिकी निकी हैली को संयुक्त राष्ट्र में अपना राजदूत बनाया है।