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न्यूयॉर्क हमले के बाद ट्रंप बोले- हमलावर के पास था ग्रीन कार्ड लॉटरी, खत्म करेंगे

Thu, 02 Nov 2017 04:52 PM IST
बीबीसी, हिंदी
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अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने ग्रीन कार्ड लॉटरी को खत्म करने की अपील की है। उनका कहना है कि न्यूयॉर्क में हुए ट्रक हमले में शामिल हमलावर इसकी वजह से अमरीका में दाखिल हुआ था।
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ट्रंप ने एक के बाद एक ट्वीट किए और लिखा कि आप्रवासियों के लिए बने इस कार्यक्रम को बंद कर इसकी जगह योग्यता के आधार पर एक अलग व्यवस्था होनी चाहिए।

ट्रंप ने इस कार्यक्रम के लिए सीनेटर चक शूमर को जिम्मेदार ठहराया जिन्होंने ट्रंप पर चरमपंथरोधी फंडिंग को रोकने का आरोप लगाया था। अधिकारी अब तक इस बात की पुष्टि नहीं कर पाए हैं कि मंगलवार को हुए हमले में मुख्य अभियुक्त सैफुल्लो साइपोव अमरीका में कैसे दाखिल हुए थे।

बुधवार सुबह ट्रंप ने ट्वीट किया, "ये चरमपंथी 'डाइवर्सिटी वीजा लॉटरी प्रोग्राम' के जरिए देश में आया था जो चक शूमर की देन है। मैं चाहता हूं कि योग्यता के आधार पर व्यवस्था हो।"
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ट्रंप ने न्यूयॉर्क के डेमोक्रेटिक पार्टी के सीनेटर चक शूमर पर आरोप लगाया कि "वो यूरोप की समस्याएं आयात करने में मदद कर रहे हैं।" ट्रंप ने लिखा कि "वो इस पागलपन को खत्म करेंगे!"

डाइवर्सिटी वीजा लॉटरी प्रोग्राम को ग्रीन कार्ड लॉटरी कार्यक्रम के नाम से जाना जाता है और इस कार्यक्रम के तहत अमरीका 50,000 आप्रवासियों को स्थायी नागरिकता प्रदान करता है।
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अमरीका आने वालों की कड़ी जांच हो

डोनाल्ड ट्रंप - फोटो : FILE PHOTO
साल 1990 में जब यह कानून बना था, उस वक्त चक शूमर ने इसे बनाने में अहम भूमिका निभाई थी। रिपब्लिकन पार्टी के राष्ट्रपति जॉर्ज एच। डब्ल्यू बुश के कार्यकाल के दौरान ये कानून पारित हुआ था और इसे विपक्षी पार्टियों के सदस्यों के वोट भी मिले थे।

रिपब्लिकन पार्टी के सीनेटर जेफ फ्लेक ने कहा है कि शूमर ने साल 2013 में एक प्रवासी बिल का प्रस्ताव दिया था और ग्रीन कार्ड लॉटरी को ख़त्म करने की बात की थी। 

इस कानून के तहत स्थायी नागरिकता का कोटा जो फिलहाल ग्रीन कार्ड लॉटरी से प्रवासियों को मिलता है, वो बढ़िया कौशल वाले आप्रवासियों को दिया जाना था। आप्रवासियों के लिए ये बिल सीनेट से तो पास हो गया, लेकिन कानून की शक्ल नहीं ले सका क्योंकि प्रतिनिधि सभा से मंजूरी नहीं मिल सकी थी।

मंगलवार को हुए हमले के बाद ट्रंप ने कहा कि उन्होंने आंतरिक सुरक्षा विभाग को 'देश के प्रवासियों की जांच करने के कार्यक्रम को और कड़ा करने' के आदेश दिए हैं। उन्होंने इसके बारे में और जानकारी नहीं दी है।

अमरीकी राष्ट्रपति का कहना है कि बीते साल अगस्त में राष्ट्रपति चुनाव अभियान के दौरान वो चाहते थे कि अमरीका आने वालों की कड़ी जांच हो। इससे पहले ट्रंप ने मुस्लिम बहुल देशों से आने वाले प्रवासियों के अमरीका आने पर प्रतिबंध लगा दिया था। उनके इस कदम को कानूनी तौर पर चुनौती दी गई थी और इस मामले में सु्प्रीम कोर्ट कुछ हफ्तों में सुनवाई करने वाला है।

अमरीकन सिविल लिबर्टीज राइट्स ग्रुप का कहना है कि कड़ी जांच "मुसलमानों के खिलाफ भेदभाव करने का एक तरीका" ही है। ट्रंप ने रिपब्लिकन पार्टी के दो सीनेटरों के प्रस्तावित बिल को भी समर्थन दिया है जिनके लागू होने से लॉटरी के आधार पर चलने वाले प्रवासी कार्यक्रम को ख़त्म किया जा सकता है।

'द रिफॉर्मिंग अमरीकन इमिग्रेशन फॉर स्ट्रॉन्ग एम्प्लॉयमेंट एक्ट' को फरवरी में पेश किया गया था, लेकिन इसे जरूरी वोट नहीं मिल पाए जिस कारण ये बिल सीनेट में पास नहीं हो सका। इस बिल के कारण वैध तरीके से अमरीका आने वाले कानूनी आप्रवासियों की संख्या आधी हो जाती और यहां आने वाले शरणार्थियों की संख्या में भी कमी आती।
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