ट्रंप प्रशासन ने शनिवार को अपना एक साल पूरा कर लिया। भारत और अमेरिका के संबंध पिछले एक साल के दौरान काफी अच्छे रहे।
ट्रंप ने राष्ट्रपति बनने के बाद भारतीय मूल की निक्की हेली को संयुक्त राष्ट्र में राजदूत नियुक्त कर भारत के साथ अपने अच्छे रिश्तों का साफ संदेश दिया था। यही नहीं ट्रंप ने भारतीय मूल के अजीत पई की फेडरल कम्युनिकेशन कमिशन के चेयरमैन पद पर नियुक्ति की थी।
राष्ट्रपति ट्रंप और
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दोस्ती पूरी दुनिया में चर्चा का विषय रही। पीएम मोदी के बीते साल जून में अमेरिकी यात्रा पर ट्रंप के गले मिलना भी काफी चर्चा में रहा। इस दौरान ट्रंप ने पीएम मोदी की तारीफ भी की। उन्होंने कहा था कि 'पीएम मोदी विश्व नेता हैं जिन्होंने भारत को एकजूट करने का काम किया है।'
हालांकि भारत के अमेरिका के साथ रिश्ते बिल क्लिंटन और
ओबामा प्रशासन के दौरान भी बेहतर रहे थे।
भारत और अमेरिका के बीच फिलहाल वीजा नीति को लेकर विवाद है। यूएस में काम करने वाले इंजीनियर्स, खासकर भारतीयों को ट्रंप प्रशासन के एच-1 बी वीजा नियमों को जटिल बनाने से बुरा प्रभाव पड़ सकता है। वीजा नियम कठोर होने से करीब 7.5 लाख भारतीयों को अमेरिका छोड़कर स्वदेश लौटना पड़ सकता है।
वहीं
आतंकवाद के खात्मे के मुद्दे पर भी अमेरिका भारत के साथ नजर आता है। अफगानिस्तान में आतंकी नेटवर्क पर कड़ी कार्रवाई के लिए भी अमेरिका भारत की भूमिका को अहम माना है।