ट्रंप प्रशासन एच-1बी वीजा पर कड़ा रुख अपनाते हुए ओबामा सरकार के उस फैसले को रद्द कर सकता है जिसमें वीजाधारकों की पति या पत्नी को अमेरिका में काम करने की अनुमति है।
ट्रंप प्रशासन के इस फैसले से लाखों भारतीय प्रभावित होंगे। 2015 से ग्रीन कार्ड के लिए इंतजार कर रहे लोगों को ओबामा सरकार के कार्यकाल में बनाए इस नियम के बाद से ही काम करने की इजाजत है।
ऐसे में पिछली सरकार के फैसले को पलटने के बाद वीजाधारकों की पत्नियों और पतियों को अमेरिका में काम करने की अनुमति नहीं होगी। प्रशासन इस नियम को रद्द करने के प्रक्रिया में हैं। अमेरिकी होमलैंड सुरक्षा विभाग ने इस नियम को खत्म करने का प्रस्ताव रखा है।
बता दें कि विदेशों से हाई स्किलड लोगों को अमेरिका में रोजगार मिलता है जिसमें भारत और चीन से भारी तादाद में लोग पहुंचते हैं। आईटी कंपनियां इन प्रोफेशनल पर ज्यादा निर्भर होती है। ऐसे में ट्रंप प्रशासन एच-1बी वीजा नीति की समीक्षा कर रहा है।
क्योंकि उसे लगता है कंपनियां इसका इस्तेमाल अमेरिकी कामगारों के खिलाफ कर रही हैं। भारतीय विदेश मंत्री संयुक्त राष्ट्र महासभा में भाग लेने के लिए यहां आई हुई हैं। उन्हें शनिवार को महासभा को संबोधित करना है।