कनेडियन परिवार के अपहरण के बाद अमेरिका और पाकिस्तान के बीच की तल्खी कम होने का नाम नहीं ले रही है। कनेडियन परिवार के अपहरण के बाद डोनाल्ड ट्रंप ने पाकिस्तान की आलोचना करते हुए धमकी दी थी कि हर साल हम पाकिस्तान को बड़ी आर्थिक सहायता देते हैं और उन्हें हमारे नागरिकों की मदद करनी होगी।
उसके बाद अमेरिकी प्रशासन ने 255 मिलियन डॉलर की सहायता को रोक लिया था। जो यह दर्शाता है कि ट्रंप प्रशासन पाकिस्तान से खफा है और आतंकवादी संगठनों के खिलाफ पाकिस्तान द्वारा कार्रवाई न किए जाने से नाराज भी है। और पाकिस्तान को यह सीधे तौर पर बता रहा है कि वह उसके रहमों करम है।
ये भी पढ़ें: हाफिज की रैली में पहुंचे फलस्तीन के राजदूत, भारत ने जताई नाराजगी
अमेरिका और पाकिस्तान के बीच संबंध आतंकवाद को लेकर लंबे समय से तनावपूर्ण बना हुआ है लेकिन कनेडियन कपल के आतंकी संगठनों द्वारा पाक की सरजमी पर रखे जाने और अपहरण किए जाने के बाद मामला और बढ़ गया है।
राष्ट्रपति ट्रंप ने तभी घोषणा की थी कि पाकिस्तान अराजकता, हिंसा और आतंकवाद फैलाने वाले लोगों को पनाहगाह देता रहा है। बता दें की अमेरिका पाकिस्तान को 2002 से अभी तक 33 अरब डॉलर की आर्थिक सहायता दे चुका है वहीं अगस्त में अमेरिका ने पाकिस्तान को 255 मिलियन डॉलर की सहायता को रोक लिया था। अमेरिका ने अगस्त में कहा था कि जब तक पाकिस्तान आतंकवादी समूहों के खिलाफ और अधिक कार्रवाई नहीं करता, तब तक वह 25 करोड़ 50 लाख डॉलर की धनराशि रोक रहा है।