ग्यारह अमेरिकी राज्यों ने ओबामा सरकार के उस फैसले को अदालत में चुनौती दी है जिसके तहत स्कूलों को ट्रांसजेंडर छात्रों लड़को या लड़कियों, किसी के भी टॉयलेट में जाने की इजाज़त देनी होगी। व्हाइट हाउस ने इसी महीने एक निर्देश जारी किया कि छात्र अपनी लैंगिक पहचान के मुताबिक जिस टॉयलेट को चाहें इस्तेमाल कर सकते हैं। ओबामा प्रशासन ने चेताया है कि जो सरकारी स्कूल इस आदेश का पालन नहीं करेंगे उनकी केंद्रीय फंडिंग भी रोक दी जाएगी। इस आदेश का लक्ष्य ट्रांसजेंडरों के ख़िलाफ़ भेदभाव ख़त्म करना है।
टेक्सास में दायर की गई याचिका में कहा गया है कि सरकार स्कूलों को व्यापक सामाजिक बदलाव की प्रयोगशाला बना रही है। कई अमेरिकी राज्यों ने ऐसे कानून लागू किए हैं जो ट्रांसजेंडरों के अधिकारों को सीमित करती है। यह विवाद नार्थ कैरोलिना से शुरु हुआ जिसने हाल में ही कानून पास किया कि ट्रांसजेंडरों को उनके बर्थ सर्टिफिकेट में बताए गए लिंग के हिसाब से टॉयलेट का इस्तेमाल करना है। अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने हाल में समलैंगिक विवाहों को संवैधानिक अधिकार मान लिया है।