अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जून में ही चीनी सामान पर आयात शुल्क लगाने की घोषणा की थी। शुक्रवार से अमेरिकी कस्टम अधिकारी 800 से ज्यादा चीनी उत्पादों पर 25 फीसदी का शुल्क वसूलना शुरू कर दिए हैं। जबकि दूसरी तरफ चीन के बदले की भावना से अमेरिका के खिलाफ कार्रवाई करने पर अमेरिका ने कहा है कि वह अगले शीघ्र ही 16 अरब डॉलर के अन्य चीनी उत्पादों पर भी आयात शुल्क लगाने की कार्रवाई करेगा। इसका असर पूरी दुनिया पर पड़ना तय है, क्योंकि वस्तुओं व कच्चे माल की कीमत बढ़ने से सभी देश प्रभावित होंगे।
चीन में अमेरिकी कंपनियों के लिए आएंगी मुश्किलें
चीन के सरकारी अखबार ग्लोबल टाइम्स के मुताबिक अमेरिकी कार्रवाई के बाद चीन में कारोबार कर रहीं अमेरिकी कंपनियों में चिंता बढ़ गई है। दो बड़ी आर्थिक महाशक्तियों के बीच बढ़ते तनाव से कंपनियों का चीन में काम करना मुश्किल हो जाएगा।
अमेरिकी चैंबर्स ऑफ कॉमर्स इन चायना के चेयरमैन विलियम जैरिट ने कहा, हमारा दोनों सरकारों से अनुरोध है कि वे सकारात्मक निष्कर्ष तक पहुंचने के लिए आमने-सामने बैठकर संकट का हल खोजें। जबकि चीन ने कहा है कि वह इस मामले को विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) में भी उठाएगा।