उत्तर कोरिया के परमाणु कार्यक्रम पर लगाम लगान के लिए अमेरिका अब नायाब तरीके की योजना पर काम कर रहा है। इस मामले में चीन से अनुकूल समर्थन नहीं मिलने की स्थिति में उत्तर कोरिया को सबक सिखाने के अमेरिका चीनी कंपनियों पर प्रतिबंध लगाने की तैयारी में है।
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ट्रंप प्रशासन चीनी कंपनियों पर प्रतिबंध लगाने की तैयारी का अध्ययन कर रहा है और उसे जल्द लागू करने की योजना पर काम कर रहा है। दरअसल चीनी कंपनियां कोरिया की अर्थव्यवस्था में अहम योगदान दे रही हैं। उत्तर कोरिया के साथ व्यापार में चीन की भागीदारी लगभग 90 फीसदी है। ऐसे में अमेरिका चीनी कंपनियों पर प्रतिबंध लगाकर उत्तर कोरिया की अर्थव्यवस्था को निशाना बनाने की तैयारी में है, ताकि वह अपने परमाणु कार्यक्रम को आगे नहीं बढ़ा सके।
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पूर्व में अमेरिका द्वारा उठाए गए इस तरह के कदम से उसे फायदा भी हुआ था। ईरान मामले में अमेरिका द्वारा लगाए गए आर्थिक प्रतिबंधों के बाद तेहरान परमाणु समझौते के लिए तैयार हो गया था। हालांकि इन दिनों अमेरिका द्वारा इस तरह के कदम उठाने के खतरे भी है। चीनी कंपनियों पर प्रतिबंध लगाने पर अमेरिका और चीन के संबंधों में दरार आ सकता है, और विभिन्न मुद्दों पर अमेरिकी राजनयिक प्रयासों की राह में मुश्किलें पैदा हो सकती है।