अमेरिकी राष्ट्रपति के एक और ट्वीट से अमेरिका में डोनाल्ड ट्रंप और मीडिया के बीच विवाद शुरू हो गया है। दरअसल, ट्रंप ने एक ट्वीट करते हुए जानकारी दी कि उन्हें संभवत: लगातार दूसरी बार टाइम पत्रिका का पर्सन ऑफ दि ईयर चुना जाता, लेकिन उन्होंने प्रकाशक को इंटरव्यू देने और फोटो शूट कराने से इनकार कर इस प्रस्ताव को ठुकरा दिया है।
उधर पत्रिका ने ट्रंप की पोल खोलते हुए दावा किया कि उन्होंने कभी इस सम्मान के लिए ट्रंप के नाम का जिक्र नहीं किया, क्योंकि नतीजे वाले दिन से पहले हम किसी भी नाम पर टिप्पणी नहीं कर सकते हैं।
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ट्रंप ने अपने ट्वीट में कहा कि टाइम पत्रिका ने उन्हें बताया था कि इस साल भी संभवत: उन्हें पर्सन ऑफ दि ईयर चुना जा सकता है, लेकिन इसके लिए मुझे एक साक्षात्कार और विस्तृत फोटो शूट के लिए सहमति देनी थी। इस पर आपत्ति जताते हुए मैंने कहा कि शायद यह ठीक नहीं है और मैंने इस प्रस्ताव को ठुकरा दिया, वैसे मैं उन्हें धन्यवाद देता हूं।
इस ट्वीट के बाद टाइम पत्रिका ने कहा कि हमने ट्रंप से इंटरव्यू और फोटो शूट के लिए बात जरूर की थी, लेकिन इस बात की पुष्टि नहीं की थी कि उन्हें इस साल भी मैग्जीन के कवर पेज के लिए चुना जा रहा है। ट्रंप के ट्वीट का जवाब देते हुए पत्रिका ने कहा कि हमने अमेरिकी राष्ट्रपति से कभी यह नहीं कहा कि इनका इंटरव्यू इसलिए कर रहे हैं क्योंकि उन्हें पर्सन ऑफ दि ईयर चुना जाना है।
पत्रिका ने पिछले साल ट्रंप को यह सम्मान दिया था और इस साल का अवार्ड देने के लिए 3 दिसंबर तक टाइम के पाठकों को वोट करना है। इसका एलान 6 दिसंबर को किया जाना है। टाइम पत्रिका द्वारा 1927 से ही पर्सन ऑफ दि ईयर का चुनाव किया जाता रहा है और 2016 में ट्रंप से पहले 2015 में यह सम्मान जर्मनी की चांसलर एंगेला मर्केल को मिला था।
खास लोगों को ही मिलता है यह सम्मान
टाइम पत्रिका हर साल अपने कवर पेज पर दुनिया के ऐसे शख्स को स्थान देती है जिसने अपने अच्छे या बुरे कामों सेे पूरे साल दुनिया में अपनी अलग छवि बनाई हो। पिछले साल ट्रंप को पर्सन ऑफ दि ईयर का सम्मान देते हुए पत्रिका ने कवर पेज पर उनकी तस्वीर के साथ कैप्शन लिखा था - प्रेसिडेंट ऑफ दि डिवाइडेड स्टेट्स ऑफ अमेरिका।