अमेरिकी विदेश मंत्री के रूप में नामित रैक्स टिलरसन जब अपने नामांकन की पुष्टि संबंधी सुनवाई के लिए सीनेट की विदेश मामलों की समिति से समक्ष पेश हुए तो लगा कि उनका रुख ट्रंप से हटकर है। टिलरसन ने कहा कि वह रूसी राष्ट्रपति पुतिन के खिलाफ यूक्रेन, सीरिया अथवा साइबर मामलों पर कड़ा रुख अपनाएंगे। ट्रंप से हटकर उन्होंने अमेरिका में मुसलमानों के प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने के खिलाफ अपनी राय जताई।
टिलरसन ने जापान और दक्षिण कोरिया द्वारा परमाणु हथियार हासिल करने को खतरनाक बताते हुए कहा कि वह मुसलमानों के अमेरिकी प्रवास पर पूर्णतया प्रतिबंध लगाने का समर्थन नहीं करते। हालांकि आईएस आतंकवादियों के खिलाफ युद्ध मैदान में लड़ाई जीतने की बात भी उन्होंने कही।
साथ ही स्वीकार किया कि देश में आने वाले अप्रवासियों की जांच परख एक गंभीर चुनौती है। टिलरसन ने कहा कि देश में मुसलमानों के पंजीयन को समर्थन देने से पहले वह यह जानना चाहेंगे कि सरकार इसे कैसे करेगी। उन्होंने कहा कि इस धर्म के प्रति मेरे मन में सराहना का भाव है।
विदेशी मामलों में टिलरसन ने मार्को रुबियो से बात करते हुए कहा कि उनकी नजर में पुतिन चेचेन्या को लेकर एक युद्ध अपराधी हैं, जबकि ट्रंप ने रूस के राष्ट्रपति के साथ अमेरिका के संबंध बढ़ाने की बात कही है।