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अमेरिका के नामित विदेशमंत्री का ट्रंप से मुसलमानों समेत कई मुद्दो पर सीधा टकराव

Fri, 13 Jan 2017 02:59 AM IST
न्यूयॉर्क टाइम्स न्यूज सर्विस/ वाशिंगटन
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- फोटो : Reuters
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अमेरिकी विदेश मंत्री के रूप में नामित रैक्स टिलरसन जब अपने नामांकन की पुष्टि संबंधी सुनवाई के लिए सीनेट की विदेश मामलों की समिति से समक्ष पेश हुए तो लगा कि उनका रुख ट्रंप से हटकर है। टिलरसन ने कहा कि वह रूसी राष्ट्रपति पुतिन के खिलाफ यूक्रेन, सीरिया अथवा साइबर मामलों पर कड़ा रुख अपनाएंगे। ट्रंप से हटकर उन्होंने अमेरिका में मुसलमानों के प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने के खिलाफ अपनी राय जताई।
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टिलरसन ने जापान और दक्षिण कोरिया द्वारा परमाणु हथियार हासिल करने को खतरनाक बताते हुए कहा कि वह मुसलमानों के अमेरिकी प्रवास पर पूर्णतया प्रतिबंध लगाने का समर्थन नहीं करते। हालांकि आईएस आतंकवादियों के खिलाफ युद्ध मैदान में लड़ाई जीतने की बात भी उन्होंने कही। 

साथ ही स्वीकार किया कि देश में आने वाले अप्रवासियों की जांच परख एक गंभीर चुनौती है। टिलरसन ने कहा कि देश में मुसलमानों के पंजीयन को समर्थन देने से पहले वह यह जानना चाहेंगे कि सरकार इसे कैसे करेगी। उन्होंने कहा कि इस धर्म के प्रति मेरे मन में सराहना का भाव है। 
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विदेशी मामलों में टिलरसन ने मार्को रुबियो से बात करते हुए कहा कि उनकी नजर में पुतिन चेचेन्या को लेकर एक युद्ध अपराधी हैं, जबकि ट्रंप ने रूस के राष्ट्रपति के साथ अमेरिका के संबंध बढ़ाने की बात कही है। 
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ट्रंप आखिर कैसे अमेरिका की विदेश नीति बदलेंगे

टिलरसन ने अमेरिकी सीनेट की विदेश संबंध समिति के समक्ष कहा कि वह अमेरिका द्वारा रूस पर लगाए गए मौजूदा प्रतिबंधों को फिलहाल बरकरार रखने के पक्ष में हैं, जबकि ट्रंप इस के विरोध में राय जाहिर कर चुके हैं। उन्होंने यूक्रेन के नाटो देशों का सदस्य नहीं होने के बावजूद उसे हथियार व खुफिया समर्थन देने की बात कही। उनका यह समर्थन भी रूस के खिलाफ जाता है।

अमेरिका के नामित विदेश मंत्री रैक्स टिलरसन ने संकेत दिया है कि पेरिस जलवायु समझौते पर वह डोनाल्ड ट्रंप के रुख से असहमत हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि अमेरिका को इस मुद्दे पर सभी देशों के साथ बात करना चाहिए ताकि उनकी प्रतिबद्धताओं के बारे में जानकारी मिल सके। उन्होंने माना चूंकि इस पर भारत समेत 190 देशों ने दस्तखत किए हैं इसलिए मिल-बैठकर बात करना ही सबसे बेहतर रहेगा। 

रैक्स टिलरसन के साथ होने वाली इस सुनवाई में इस बात पर आश्चर्य जताया गया कि नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप आखिर कैसे अमेरिका की विदेश नीति को बदलेंगे। दरअसल टिलरसन ने कहा कि रूस, और विदेश मामलों को लेकर उनकी फिलहाल ट्रंप से कोई बातचीत नहीं हुई है। टिलरसन उनके पास विदेशी मामलों से संबंधित चुनौतियों से निपटने की कोई योजना भी नहीं बता सके।
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