दिन के करीब सवा तीन बज रहे थे। चिलचिलाती धूप में कजाकिस्तान के एक बड़े से मैदान में जब आसमान से आया यान उतरा तो नासा में बैठे वैज्ञानिकों और यान से उतरे अंतरिक्ष यात्रियों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा।
टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के मुताबिक अमेरिका के नासा से पिछले साल तीन लोग, जिनमें एक अमेरिकी, एक अंग्रेज और एक रूसी शख्स शामिल है, का दल अंतर्राष्ट्रीय स्पेस स्टेशन में भेजा था। तीनों, टिम कोरपा, यूरोपियन स्पेस एजेंसी के टिम पीक, रूसी एजेंसी रॉसकोमॉस के यूरी मलेनचेंको नासा के अंतरिक्ष यान द सोयुज टीएमए-19एम से अतरिक्ष में गए थे।
स्थानीय समयानुसार दिन के 3.15 बजे अतंरिक्ष यान कजाकिस्तान के ज्हेजकाजगन में उतरा। ये लोग 186 दिन का वक्त अंतरिक्ष में बिताकर आए हैं। इन दिनों में तीनों ने करीब 100 से ज्यादा वैज्ञानिक परीक्षणों को अंजाम दिया।
अगले तीन हफ्तों तक स्टेशन पर नए क्रू मेंबर के पहुंचने से पहले नासा के अंतरिक्ष यात्री जेफ विलियम्स अपने रूसी साथी ओलेग स्क्रीपोचका और अलेक्सी ओवचिनिन के साथ स्टेशन की जिम्मेदारी संभालेंगे।
धरती पर लंबे अर्से के बाद आने पर तीनों अंतरिक्ष यात्रियों के चेहरे खिले हुए थे।
तीनों ने बताया कि जब उनका अंतरिक्ष यान धरती की ओर आर रहा था और उतरने वाला था तो किसी कोई दिक्कत नहीं हुई।