अमेरिका ने भारत और पाकिस्तान को बातचीत के लिए प्रोत्साहित करते हुए और सामरिक स्थिरता के लिए संयम बरतने की अपील की है। उसने दोनों देशों को व्यापक परमाणु परीक्षण प्रतिबंध संधि यानी सीटीबीटी पर हस्ताक्षर करने और उसे अपनाने को कहा है।
विदेश मंत्रालय के उप प्रवक्ता मार्क टोनर ने पाकिस्तान द्वारा भारत को दिए गए हालिया प्रस्ताव का स्वागत किया कि परमाणु हथियारों के परमाणु परीक्षण न करने के लिए द्विपक्षीय समझौता किया जाए।
टोनर ने मंगलवार को कहा, ‘हम भारत और पाकिस्तान के बीच इस उच्च स्तरीय वार्ता का स्वागत करते हैं।
फैसला हमें भारत पर छोड़ना होगा
दोनों देशों को बातचीत करने के लिए और संयम बरतने के लिए प्रोत्साहित करते हैं ताकि सामरिक स्थिरता में सुधार हो सके।
मेरे विचार से यह ऐसा प्रस्ताव है जिस पर विचार करने का फैसला हमें भारत पर छोड़ना होगा।’
पाकिस्तान ने 12 अगस्त को कहा था कि वह परमाणु हथियारों का परीक्षण न करने पर आधारित द्विपक्षीय स्थगन पर भारत के साथ समझौता करने को तैयार है।
अमेरिका ने की पाक की आलोचना
- फोटो : pti
पाकिस्तान ओर से मुत्ताहिदा कौमी मूवमेंट (एमक्यूएम) के प्रमुख अल्ताफ हुसैन के खिलाफ उनके कथित भड़काऊ भाषण के लिए राजद्रोह का मुकदमा दर्ज किए जाने के बाद अमेरिका ने पाक की आलोचना की है। अमेरिका ने कहा है कि लोकतंत्र में गंभीर विचारों को प्रोत्साहन दिया जाना चाहिए न कि दबाया जाना चाहिए। हुसैन पर प्रदर्शन रैली में पाकिस्तान विरोधी नारे लगाने का भी आरोप है।
विदेश मंत्रालय के उप प्रवक्ता मार्क टोनर ने मंगलवार को बताया ‘मैं सिर्फ यह कहना चाहूंगा कि लोकतांत्रिक समाज में गंभीर विचारों को प्रोत्साहन दिया जाना चाहिए न कि दबाया जाना चाहिए। एमक्यूएम के नेताओं की गिरफ्तारी से जुड़े सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि किसी भी राजनीतिक दल के सदस्यों को हिरासत में रखे जाने या गिरफ्तार किए जाने पर अमेरिका हमेशा ही चिंतित रहा है।
एमक्यूएम प्रमुख अल्ताफ हुसैन पर मंगलवार को उनके उस भड़काऊ भाषण के लिए राजद्रोह का मुकदमा दर्ज किया गया जिसमें पार्टी कार्यकर्ताओं को मीडिया प्रतिष्ठानों पर हमले के लिए उकसाया गया है। उन पर उस प्रदर्शन रैली में पाकिस्तान विरोधी नारे लगाने का भी आरोप है जिसमें हिंसा हुई थी।