अमेरिका का के टेक्सस प्रांत के एक छोटे कस्बे में एक बंदूकधारी ने रविवार को चर्च में हो रही प्रार्थना सभा पर गोलियां चलाई थीं और उसमें 26 लोगों के मारे गए। हमलावर की पहचान 26 साल के डेविन पी केली के रूप में की गई है, जिसकी मौत घटना स्थल से भागने के क्रम में हो गई।
डेविन ने सदरलैंड स्प्रिंग्स के विलसन काउंटी इलाके में फर्स्ट बापिस्ट चर्च पर हमला किया था। अमेरिकी अधिकारियों ने समाचार एजेंसी एसोसिएट प्रेस को बताया कि हमलावर का नाम डेविन पी केली था।
हमलावर को स्थानीय समयानुसार सुबह 11.20 बजे चर्च में घुसते देखा गया था। उसके हाथ में एक राइफल थी, जिससे उसने चर्च के बाहर गोलीबारी की। चर्च के अंदर घुसने तक वो लगातार गोलीबारी करता रहा।
अधिकारियों के मुताबिक चर्च से निकलने के बाद हमलावर का सामना स्थानीय लोगों से हुआ। स्थानीय लोगों ने उनसे राइफल को छीन लिया और पीछा किया। भागने के क्रम में हमलावर की गाड़ी दुर्घटना की शिकार हो गई जिसमें डेविन की मौत हो गई।
असोसिएट प्रेस के मुताबिक डेविन एयर फोर्स में रह चुका है। उसे अपनी पत्नी और बच्चों को प्रताड़ित करने के आरोप में एयर फोर्स से निकाल दिया गया था। एयर फोर्स के प्रवक्ता एन्न स्टेफैनेक के मुताबिक डेविन 2010 में सेना में शामिल हुए था पर 2012 में कोर्ट मार्शल कर दिया गया था।
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स्टेफैनेक ने बताया कि डेविन न्यू मेक्सिको के ओटेरो में हॉलोमैन एयर फोर्स बेस पर तैनात था। उसे उनके खराब आचरण के लिए पहले डिमोट किया गया था। उसे एक साल के लिए नजरबंद भी किया गया था। सरकारी अधिकारियों के मुताबिक डेविन सटरलैंड स्प्रिंग्स से 35 मील दूर न्यू ब्राउनफेल्स के सैन एनटोनियो का रहने वाला था।
असोसिएट प्रेस के मुताबिक अधिकारी डेविन के सोशल मीडिया पोस्ट की जांच कर रहे हैं। वो उनके उस पोस्ट की भी जांच कर रहे हैं जिसमें एआर-15 सेमीऑटोमेटिक राइफल का प्रदर्शन किया गया था।
अधिकारियों के मुताबिक इस बात के पुख्ता प्रमाण नहीं मिले हैं कि डेविन किसी चरमपंथी संगठन से जुड़े थे। रेयान सड़क के उस पार रहने वाले अलबर्स, 16, ने असोसिएट प्रेस को बताया, "आवाज बहुत तेज थी। पहले मुझे लगा कि कोई विस्फोट कर रहा है। निश्चित तौर पर यह कोई शिकारी के बंदूक की आवाज नहीं थी। यह किसी के ऑटोमेटिक राइफल इस्तेमाल करने की आवाज थी।"