विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने बृहस्पतिवार को कहा कि आतंकी संगठनों को ऐसे देशों से मदद और शरण मिल रही है, जिन्होंने आतंकवाद को अपने हित साधने का साधन बना रखा है। सुषमा संयुक्त राष्ट्र महासभा में ब्रिक्स मंत्री स्तर की बैठक में अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा के लिए खतरा बने आतंकी संगठनों के मुद्दे पर बोल रही थीं।
हालांकि इस दौरान उन्होंने पाकिस्तान का नाम नहीं लिया। साथ ही उन्होंने ब्रिक्स देशों के अपने समकक्षों से ऐसे देशों की निंदा करने और उस पर आतंकवाद के खात्मे के लिए दबाव बनाने का आह्वान किया। सुषमा का यह बयान पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शाहिद खाकन अब्बासी द्वारा संयुक्त राष्ट्र महासभा को संबोधित करने से पहले आया।
सुषमा ने अपने संबोधन में उत्तर कोरिया जैसे समस्या पैदा करने वाले देशों को रोकने के लिए अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष और सुरक्षा परिषद में सुधार के लिए सामूहिक प्रयास की बात कही।
स्वराज ने कहा कि ऐसे देशों की निंदा करने की जरूरत है, जो दूसरे देशों के खिलाफ आतंकवाद को प्रश्रय देने के लिए धर्म का सहारा लेते हैं। सुषमा ने आतंकियों के नेटवर्क को ध्वस्त करने, उन्हें पैसों, हथियारों की सप्लाई रोकने और राजनीतिक समर्थन बंद करने के लिए सामूहिक प्रयासों की वकालत की।